झुंपा ओबामा की कला समिति में

  • 7 फरवरी 2010
झुंपा और अन्य
Image caption लेखिका झुंपा लहिड़ी और पटकथा लेखिका सोनी तारापोरवाला.

भारतीय मूल की अमरीकी लेखिका और प्रतिष्ठित पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित झुंपा लाहिड़ी को राष्ट्रपति बराक ओबामा की कला और मानविकी समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है.

इस समिति में लाहिड़ी के अलावा अन्य पाँच लोगों को भी सदस्य बनाया गया है.

नियुक्ति की घोषणा के बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, "मुझे गर्व है कि है ये प्रतिष्ठित हस्तियाँ मेरे प्रशासन में अपना योगदान देंगीं. ये कला और मानविकी समाज की जीवंतता को बढ़ाती हैं, हमें प्ररेणा देती हैं और हमारे लोकतंत्र को मज़बूत करती हैं.

ओबामा ने कहा, "मैं आने वाले हफ़्तों और महीनों में उनके साथ काम करने को लेकर सकारात्मक हूँ."

व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार झुंपा के अलावा इस समिति में चित्रकार चुक क्लोज़, फ़्रेड गोल्डरिंग, शैला जोहानसन, पामेला जोएनेर और केन सोलोमन को शामिल किया गया हैं.

भारत के लिए सम्मान

झुंपा लाहिड़ी की नियुक्ति ओबामा प्रशासन में भारतीयों के लिए एक सम्मान के रुप में देखा जा रहा है.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति बनने के बाद ओबामा ने अपनी विभिन्न टीमों में कई भारतीय मूल के अमरीकियों को शामिल कर रखा है.

लाहिड़ी एक जानी मानी कथा लेखिका हैं और वर्ष 1999 में प्रकाशित कहानी संग्रह 'इंटरप्रेटर ऑफ़ मालदीव' को वर्ष 2000 में पुलित्ज़र पुरस्कार से नवाज़ा गया था. इसके आलावा भी इस काहानी संग्रह को अनेक पुरस्कार मिले हैं.

झुंपा लहिड़ी के बहुचर्चित उपन्यास 'द नेमसेक' पर इसी नाम की फ़िल्म भी बनाई जा चुकी है.

'द नेमसेक' के खाते में भी कई सम्मान हैं. इसे न्यूयॉक टाइम्स ने उल्लेखनीय किताबों की श्रृणी में रखा था.

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