छात्र वीज़ा पर ब्रिटेन सख़्त

  • 7 फरवरी 2010
वीज़ा अधिकारी
Image caption वीज़ा क़ानून पर सरकार की कड़ी आलोचना हुई है

छात्र वीज़ा व्यवस्था का दुरुपयोग कर ब्रिटेन में ग़ैर क़ानूनी रूप से रहने वाले लोगों के ख़िलाफ़ वहाँ की सरकार ने कड़ा रुख़ अपनाया है.

अब ब्रिटेन यूरोपीय संघ के देशों के अलावा अन्य देशों से आने वाले छात्रों के लिए जारी होने वाले वीज़ा की संख्या में बड़ी कटौती करेगा.

ब्रिटेन के गृह मंत्री एलन जॉनसन का कहना है कि ये क़दम उन लोगों को रोकने के लिए है जो ब्रिटेन में रोज़गार करने की नीयत से आते हैं. गृह मंत्री ने ये भी कहा कि अब उन विदेशियों को वीज़ा नहीं मिलेगा जिनकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ स्थानीय माध्यमिक स्कूल के स्तर से कम होगी.

नए बदलावों के बाद ब्रिटेन में कम समयावधि के पाठ्यक्रम के लिए लोग अपने रिश्तेदारों को वहाँ नहीं ले जा सकेगें. हालाँकि गृह मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि करने से मना कर दिया है कि नए बदलावों के बाद वीज़ा के संख्या में दसियों हज़ार की कमी आ सकती है.

आलोचना

वर्ष 2008-09 में ब्रिटेन में कुल दो लाख 40 हज़ार छात्रों को वीज़ा दिया गया था. इन नए बदलावों की चर्चा ऐसे समय हो रही है जब कुछ दिन पहले ब्रिटेन में उत्तर भारत, नेपाल और बांग्लादेश से हज़ारों छात्रों के वीज़ा आवेदनों पर विचार फ़िलहाल रोक दिया गया था. पिछले वर्ष ब्रिटेन ने एक ऐसी व्यवस्था को लागू किया था जिसके नए मापदंडों के तहत छात्रों के लिए कम से कम 40 अंक लाना ज़रूरी था. पर नई व्यवस्था के बावजूद सरकार को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था. अमरीका में डेट्रॉएट के ऊपर यात्री विमान उड़ाने की कथित नाकाम कोशिश के बाद प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन ने वीज़ा नियमों की समीक्षा की थी.

जिस नाइजीरियाई युवक ने विमान को उड़ाने का प्रयास किया था वो वीज़ा के आवेदन को लेकर ब्रिटेन की निगरनी सूची में था. हालाँकि उसे वीज़ा नहीं दिया गया था.

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