चाहे जिससे शादी करूँ..मेरी मर्ज़ी

  • 7 फरवरी 2010
Image caption दक्षिण एशिया समेत कई देशों में विवाह के फ़ैसले में परिवार की भूमिका अहम होती है

जबरन विवाह के मामलों में सलाह और मदद करने वाली ब्रिटेन की एक सरकारी एजेंसी ने कहा है कि पिछले कुछ समय से ऐसे मामलों में मदद मांगने वालों की तादाद में भारी बढ़ोत्तरी हुई है.

पिछले साल ब्रिटेन में जबरन विवाह कराने के 1,700 मामले एजेंसी के सामने प्रकाश में आए. ख़ास बात ये रही कि महिलाओं से मिलने वाली शिकायतों में 25 फ़ीसदी की बढ़त रही.

कई देशों में पारंपरिक विवाह में परिवार की भूमिका अहम होती है और ब्रिटेन में रह रहे दक्षिण एशियाई मूल के लाखों लोगों के लिए भी पारंपरिक विवाह की ख़ासी अहमियत है.

नया विभाग

'मर्ज़ी के बिना' शादी की शिकायतों को देखते हुए ब्रितानी सरकार ने पाँच साल पहले एक विभाग शुरू किया ताकि पारंपरिक और जबरन विवाह के मामलों में फ़र्क़ सामने आ सके.

इस विभाग की स्थापना के पीछे मक़सद ऐसे लोगों की मदद करना भी था जिनकी शादी ज़बरदस्ती या उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ हो रही हो.

ऐसे मामलों में पीड़ित अपनी शिकायतों के साथ सामने आए. ख़ासकर ऐसे लोग जो पारिवारिक दबाव में शादी कर रहे थे. एक ऐसी ही महिला का कहना था कि उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ उसका विवाह हुआ और बाद में उस व्यक्ति ने उसे प्रताड़ित किया.

अब इस महिला जैसी कई अन्य महिलाएँ मदद के लिए सामने आ रही हैं और ब्रिटेन में 'मर्ज़ी के ख़िलाफ़' विवाह का समाज में विरोध भी बढ़ रहा है.

ब्रितानी न्यायाधीश भी इसे गंभीर समस्या मानते हैं और उन्होंने पिछले साल जबरन विवाह के 100 से अधिक मामलों में आदेश जारी कर इन्हें रुकवाया या ऐसी शादियों की मान्यता ख़त्म की.

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