यूरेनियम संवर्धन जारी रखेंगे: ईरान

महमूद अहमदीनेजाद
Image caption ईरान परमाणु बम बनाने के आरोपों को ख़ारिज़ करता रहा है.

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने विवादित यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम जारी रखने की घोषणा की है. पश्चिमी देशों को डर है कि ईरान इस कार्यक्रम के ज़रिए परमाणु बम बना सकता है.

अहमदीनेजाद ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को निर्देश दिया है कि यूरेनियम संवर्धन का स्तर पाँच फ़ीसदी से बढ़ाकर 20 फ़ीसदी कर दिया जाए.

बीबीसी के तेहरान संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि ये क़दम ईरान को परमाणु हथियार के लिए ज़रूरी सामान बनाने की दिशा में और क़रीब ला सकता है.

पश्चिमी देशों के लिए ईरान का ये क़दम ख़तरे की घंटी है. पश्चिमी देशों को डर है कि इससे ईरान परमाणु बम बनाने में सक्षम हो जाएगा.

अमरीका ने ईरान की इस घोषणा की आलोचना की है. अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि दुनिया को इसके ख़िलाफ़ एकजुट होना चाहिए.

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में भी ईरान की घोषणा को गंभीर चिंता का विषय बताया गया है.

मुश्किलें

राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने कहा कि ईरान को अपने तेहरान स्थित रिसर्च रिएक्टर के लिए ईंधन मुहैया कराने के लिए यूरेनियम संवर्धन का स्तर बढ़ाने की ज़रूरत है.

लेकिन पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों का कहना है कि यूरेनियम को उच्च स्तर पर संवर्धित कर ईंधन की छड़ों में बदलने की तकनीक ईरान के पास नहीं है.

पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों को आशंका है कि ईरान कम संवर्धित यूरेनियम तैयार करने के वादे से पीछे हट सकता है और बम बनाने के लिए ज़रूरी 95 फ़ीसदी संवर्धित यूरेनियम के करीब पहुँच सकता है.

ईरान के इस क़दम को उकसावे वाली कार्रवाई माना जा रहा है और इससे ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बातचीत में मुश्किलें और बढ़ने की संभावना है.

संबंधित समाचार