रिश्ते सुधारना है, तो करी खाओ

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्र
Image caption हमले पर रोक लगाने की मांग करते भारतीय छात्र

ऑस्ट्रेलिया में विदेशी छात्रों पर लगातार हो रहे हमले को देखते यहाँ के लोगों ने भारतीय रेस्तारां में खाना खाकर एकजुटता दिखाने का आह्वान किया है.

इस कोशिश की लोगों ने काफ़ी सराहना की और इसे ऑस्ट्रेलिया की ख़राब होती छवि को सुधारने के रूप में देखा जा रहा है.

पिछले साल से मेलबर्न और सिडनी में भारतीय छात्रों पर हो रहे हमले से इसकी छवि ख़राब हुई है. इस हमले से ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच राजनयिक संबंध बिगड़े हैं.

ऑस्ट्रेलिया की पुलिस का कहना है कि कुछ हमले नस्लभेदी ज़रूर थे पर सभी नहीं.

मुहिम

Image caption ऑस्ट्रेलिया में भारतीय रेस्तारां

'विंडालू अगेंस्ट वायलेंस' नाम के इस एक दिवसीय मुहिम को मेलबर्न स्थित एक 24 वर्षिया डिजिटल मीडिया डिज़ाइनर मिया नोर्थरोप ने चलाया है.

उन्होने बताया कि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट का इस्तेमाल करने वाले लोगों ने इस मुहिम के लिए ज़ोरदार दिलचस्पी दिखाई.

मिया ने बताया, "सिर्फ़ मेलबर्न से ही नहीं पूरे ऑस्ट्रेलिया से उनके हमारे पास छह हज़ार से ज़्यादा लोग हैं. जो मेलबर्न में नहीं रहते हैं वे ट्विटर के माध्यम से संदेश भेज रहे हैं इसमें से बहुत सारे संदेश प्रशंसनीय हैं. ये लोग बहुत ख़ुश हैं और उनका कहना है कि यह एक ऐसा मंच है जहाँ हम अपनी भावनओं को व्यक्त कर सकते हैं."

शुरू-शुरू में ये लोग भी काफ़ी हताश थे क्योंकि इन लोगों को सभी जगह से संदेश नहीं मिल रहे था. जिन्हें आकर्षित करना इनका मकसद था. जैसे स्थानीय या भारतीय मूल के लोग.

मिया नोर्थरोप कहती है कि उन्हें मेलबर्न का होने पर गर्व है और वे अप्रवासी समुदायों का सम्मान करती हैं.

इस कार्यक्रम ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री केविन रड का भी ध्यान खींचा है.

भारतीय राजनीतिज्ञों और कुछ मीडियाकर्मी ये आरोप लगाते रहे हैं कि ऑस्ट्रेलिया एक नस्लभेदी देश है क्योंकि विदेशी छात्रों पर हो रहे हमले को रोकने के लिए कोई ठोस क़दम नहीं उठा रहे हैं.

प्रसिद्ध 'भारतीय करी' के नाम पर इस मुहिम का नाम विंडालू अगेंस्ट वायलेंस रखा गया है.

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