'प्रतिबंध के अलावा कोई विकल्प नहीं'

गेट्स
Image caption अमरीकी रक्षा मंत्री ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय प्रयास की ज़रूरत बताई.

अमरीका और फ़्रांस ने कहा है कि ईरान जिस तरह परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अमादा है, उसे देखते हुए उसके ख़िलाफ़ और कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

फ़्रांस की राजधानी पेरिस पहुँचे अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा कि ईरान ने मामले के शांतिपूर्ण निपटारे की पश्चिमी देशों की कोशिशों को नकार दिया है.

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का शांतिपूर्ण हल खोजने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इच्छा शक्ति की ज़रूरत है.

उधर फ़्रांसीसी विदेश मंत्री बर्नार्ड काउचनर ने कहा कि ईरान की ताज़ा घोषणा 'ब्लैकमेल' करने जैसा है.

इससे पहले ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से कहा कि वो अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने जा रहा है.

दस नए संयंत्र

Image caption ईरान ने दस नए संवर्धन केंद्र बनाने की घोषणा की है.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख अली अकबर सालेही ने कहा है कि यूरेनियम संवर्धन के 10 नए संयंत्र बनाए जाएंगे.

ईरान के इन दावों को पश्चिमी देशों में संदेह की नज़र से देखा जा रहा है और यहाँ तक कहा जा रहा है कि ईरान अब परमाणु बम बनाने में सक्षम तकनीक हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा है.

पश्चिमी देशों ने हाल के महीनों में ईरान की यह कहते हुए आलोचना की है कि उसने संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव पर कोई गर्मजोशी नहीं दिखाई है जिसमें ये कहा गया था कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन के लिए विदेशों को भेजेगा और बदले में उसे उस हद तक संवर्धित यूरेनियम मिल जाएगा जो उसकी परमाणु ऊर्जा ज़रूरतो को पूरा कर सकेगा.

इस सप्ताह गुरूवार यानी 11 फ़रवरी को ईरान इस्लामी क्रांति के 31 वर्ष पूरे होने के समारोह मनाएगा और परमाणु कार्यक्रम के बारे में यह ताज़ा घोषणा उन समारोहों के सिलसिले में दिलचस्प समझी जा रही है.

वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में ईरान के दूत अली असग़र सुल्तानिया ने ईरानी टेलीविज़न को टेलीफ़ोन से बताया है कि उन्होंने सोमवार को कहा कि यूरेनियम का संवर्धन बढ़ाने के फ़ैसले संबंधी पत्र एजेंसी को सौंप दिया है.

हालाँकि पिछले सप्ताह ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा था कि देश यूरेनियम संवर्धन के लिए विदेशों को भेजने को तैयार हैं लेकिन संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों में कुछ फेरबदल करने की माँग की थी.

ज़रूरत

ईरान का कहना है कि उसे भी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए परमाणु कार्यक्रम का अधिकार है.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख अली अकबर सलेही ने रविवार शाम को कहा था कि अगर ईरान को विदेशों से 20 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम मिलेगा तो वो अपने यहाँ यूरेनियम संवर्धन का काम रोक देगा.

ईरान इस समय यूरेनियम का साढ़े तीन प्रतिशत तक संवर्धन करता है लेकिन उसे तेहरान शोध रिएक्टर में इस्तेमाल के लिए 20 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम की ज़रूरत है जिसका इस्तेमाल चिकित्सा शोध के लिए किया जाएगा.

विशेषज्ञों का कहना है कि कोई परमाणु बम बनाने के लिए 90 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम की ज़रूरत होगी.

अली अकबर सलेही ने जो 10 नए परमाणु संयंत्र बनाने के फ़ैसले की बात की है उसके बारे में कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और ख़र्च को देखते हुए यह संभवन नज़र नहीं आता है.

राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने यूरेनियम संवर्धन बढ़ाने का आदेश रविवार को दिया जिसने पश्चिमी देशों में ख़तरे की घंटी बजा दी है.

ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री स्टीफ़न स्मिथ ने ईरान की इस घोषणा को गंभीर भड़काऊ कार्रवाई बताया है जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के धैर्य की परीक्षा लेने का ख़तरा पैदा हो सकता है.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय की एक प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में यह ताज़ा समाचार सचमुच गंभीर चिंताओं वाला है. उधर अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने ईरान पर और ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने का आह्वान किया है.

संबंधित समाचार