चोरों ने धंधा बदला चीन के कारण

Image caption चोरी कम हो रही है, राहजनी बढ़ रही है.

ब्रिटेन में अपराध के तरीके में हाल के दिनों में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है.

अपराधी अब चोरी की बजाय राहजनी का रास्ता अपना रहे हैं.

और आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बदलाव के पीछे भी है चीन का हाथ!

ब्रिटेन की लेस्टर यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक घरों में रखे चीनी सामान इतने सस्ते होते हैं कि दोबारा बेचने पर चोरों को इनकी मामूली क़ीमत ही मिल पाती है.

यही वजह है कि चोर अब घरों में घुसने की बजाय राहजनी पर उतर आए हैं.

इस नए शोध को सामने लाने वाले अपराध विज्ञान के व्याख्याता जेम्स ट्रेडवेल का कहना है, “वैश्वीकरण के इस दौर में चीन में बने टीवी और डीवीडी प्लेयर जैसे सामान इतने सस्ते हो गए हैं कि दोबारा बेचने पर बाज़ारों में इनकी मामूली कीमत ही मिल पाती है.’’

इसी वजह से ब्रिटेन के अपराधियों ने अब अपना तरीका बदल लिया है.

Image caption मोबाइल, लैप टॉप और आईपॉड जैसी चीज़ें निशाने पर हैं.

अब वे वैसी चीज़ों पर निशाना साध रहे हैं जो आकार में छोटी होती हैं और बाज़ार में इनकी क़ीमत भी ज़्यादा मिलती है. ऐसे में लैपटॉप, मोबाइल फोन और आईपॉड इन अपराधियों की ताज़ा पसंद बनते जा रहे हैं.

ये सामान आमतौर पर घरों की बजाय लोगों के बैग और पॉकेट में रखे जाते हैं. इन्हें चुराने या लुटने में चोरों को आसानी होती है और इनकी क़ीमत भी ज़्यादा मिलती है.

ब्रिटेन के अपराध सर्वेक्षण के ताज़ा आंकड़े भी अपराध की प्रकृति में आए इस बदलाव का समर्थन करते हैं. पिछले पांच सालों में चोरी के वारदात आधे हो गए हैं जबकि लूट और झपटमारी के वारदातों की तादाद काफी बढ़ गई है.

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