रिहाई की याद में कार्यक्रम

  • 11 फरवरी 2010
नेल्सन मंडेला
Image caption नेल्सन मंडेला को 11 फ़रवरी 1990 को जेल से रिहा किया गया था.

नेल्सन मंडेला की जेल से रिहाई के 20 साल पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को दक्षिण अफ़्रीका में कई तरह के आयोजन किए जा रहे हैं.

मंडेला की रिहाई रंगभेद मिटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम थी.

इस अवसर पर एक पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है. यह केपटाउन स्थित उस जेल से शुरू होगी जहाँ मंडेला अपनी सज़ा के अंतिम दिनों में रहे थे.

इस पदयात्रा का नेतृत्व मंडेला की पूर्व पत्नी विनी करेंगी.

अश्वेत राष्ट्रपति

नेल्सन मंडेला वर्ष 1994 में दक्षिण अफ़्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने थे.

हिंसा के ज़रिए सरकार का तख़्ता पलट करने का आरोप लगाकर उन्हें 1964 में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी.

मंडेला ने अपनी सज़ा का अधिकतर समय रोब्बन आईलैंड जेल में बिताया था. वे पोल्समूर जेल में भी कुछ समय रहे थे.

अब इस जेल को ड्राकेन्स्टिन जेल के नाम से जाना जाता है.मंडेला इस जेल की एक कोठरी में अपने रसोइए के साथ रहते थे.

उनकी रिहाई को याद करने के लिए आयोजित होने वाली पदयात्रा इसी जेल से शुरू होगी.

वहाँ पर नेल्सन मंडेला की हवा में हाथ उठाए हुए एक मूर्ति भी लगी हुई है.

अफ़्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) का कहना है कि मंडेला इस पदयात्रा में शामिल नहीं होंगे. लेकिन राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा के राष्ट्र के नाम संबोधन में शामिल होने की संभावना है.

जिस दौरान नेल्सन मंडेला जेल में थे उस समय वे रंगभेद के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय प्रतीक बन गए थे.

दक्षिण अफ़्रीकी सरकार ने बढ़ते राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए 1990 में नेल्सन मंडेला को जेल से रिहा कर दिया था और उनकी पार्टी एएनसी पर लगा प्रतिबंध भी हटा दिया था.

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