इराक़ में धमाके, अनेक हताहत

इराक़ में शिया
Image caption हाल में कई इराक़ी शहरों में हमले हुए हैं

इराक़ के नजफ़ शहर में सिलसिलेवार बम धमाकों में छह लोग मारे गए हैं और कम से कम 35 घायल हो गए हैं.

ये धमाके शहर की भीड़ वाली मुख्य सड़क पर हुए.

इस सड़क पर शियाओं का एक पावन धार्मिक स्थल है जिस पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है.

हाल के हफ़्तों में शिया समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाकर कई हमले किए गए हैं.

करबला शहर में हाल में हुए एक धमाके में 20 लोग मारे गए थे और सौ से ज़्यादा घायल हो गए थे.

राजधानी बग़दाद से 80 किलोमीटर दूर हुए इस धमाके में एक आत्मघाती हमालवर ने भीड़ के बीच विस्फोटकों से भरी कार में धमाका किया था.

ग़ौरतलब है कि सोमवार को बग़दाद में हुए एक आत्मघाती बम हमले में 41 लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकतर शिया थे.

ग़ौरतलब है कि शिया मुसलमानों के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक समारोह अरबाईन के मौक़े पर उन दिनों लाखों श्रद्धालु करबला में एकत्र थे. उर्दू-फ़ारसी में अरबाईन चेहलूम के नाम से जाना जाता है.

सात साल बाद मुकदमा

उधर इराक़ में ही प्रशासन ने छह ब्रितानी सुरक्षाकर्मियों के वर्ष 2003 में बसरा में मारे जाने के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है.

इन छह ब्रितानी सुरक्षाकर्मियों को उस समय सैकड़ों लोगों ने मज़ार अल-कबीर में पुलिस थाने में घेर लिया था.

ब्रितानी सुरक्षाकर्मियों के तलाशी अभियान और पूछताछ से तंग आए लोगों ने ऐसा किया था.

इन हत्याओं के सात साल बात प्रशासन ने कहा है कि संदिग्धों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाए जाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.

ब्रितानी सेना ने कहा है कि वह सैनिकों की हत्या के मामले में न्याय किए जाने के बारे में प्रतिबद्ध है.

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