औद्योगिक उत्पादन में ज़बर्दस्त चढ़ाव

  • 12 फरवरी 2010
Image caption भारत के उत्पादन क्षेत्र का सूरज चढ़ा

दिसंबर 2009-10 के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन की दर में 16.8 फीसदी की हैरतअंगेज़ बढ़ोतरी हुई है.

दिसंबर 2008-09 के आंकड़ों के मुक़ाबले ये वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि मंहगी उपभोक्ता वस्तुओं में उत्पादन क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद औद्योगिक उत्पादन की दर 0.2 फीसदी कम हुई थी.

औद्योगिक उत्पादन के इंडेक्स मे लगभग 80 फीसदी की भागीदारी उत्पादन क्षेत्र की है.

2008 में इसी महीने उत्पादन की दर में 0.6 फीसदी की गिरावट के मुकाबले ताज़ा आकंडों में 18.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

सन 2009-10 वित्तीय वर्ष में औद्योगिक विकास की दर 8.6 फीसदी थी जबकि उससे साल भर पहले ये दर 3.6 फीसदी थी.

औद्योगिक विकास की दर में इस ज़बर्दस्त सुधार की वजह वह तीन सरकारी पैकेज बताए जा रहे हैं जो वैश्विक मंदी के असर से औद्योगिक क्षेत्र को उबारने के लिए दिए गए थे.

करों में कटौती, सार्वजनिक ख़र्च में वृद्धि, और राजस्व में 1.86 लाख करोड़ की रियायत के फ़ॉर्मूले के साथ ये पैकेज दिए गए थे, जिनसे उत्पादन क्षेत्र को ख़ास तौर पर फ़ायदा हुआ.

उत्पादन के ही क्षेत्र में भारी मशीनरी के उत्पादन में साल भर पहले जहां ये दर 6.6 पर थी वहीं सन 2009 के दिसंबर में ये दर 38.8 फीसदी पहुंच गई.

इसके अलावा खनन क्षेत्र में दिसंबर 2008 की 2.2 के मुकाबले 9.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि बिजली उत्पादन की दर 1.6 के मुकाबले 5.4 फीसदी रही.

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