जुंदुल्लाह के सुन्नी नेता रीगी गिरफ्तार

अब्दुल मलिक रीगी
Image caption रीगी को विमान से गिरफ्तार किया गया

ईरानी टेलिविज़न के मुताबिक सुन्नी मुस्लिम गुट जुंदुल्लाह के नेता अब्दुल मलिक रीगी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

अरबी भाषा के एक चैनल अल अलाम के मुताबिक रीगी को पूर्वी ईरान से गिरफ्तार किया गया.

सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में सिलसिलेवार बम धमाकों की घटनाओं के पीछे रीगी का हाथ बताया गया है.

पिछले अक्तूबर में इसी गुट की ओर से किए हुए एक आत्मघाती हमले में रिवौल्यूशनरी गार्ड के छह कमांडरों सहित 42 लोग मारे गए थे.

अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने ईरानी खुफ़िया विभाग के मंत्री के हवाले से ख़बर दी है कि जुंदुल्लाह नेता रीगी को दो और सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया.

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक रीगी को पाकिस्तान के रास्ते अरब जा रहे एक विमान से गिरफ्तार किया गया.

एएफपी ने ईरानी सांसद मोहम्म्द दहेगन का हवाला देते हुए लिखा है, विमान को उतरने के आदेश दिए गए और विमान की तलाशी ले कर रीगी को गिरफ्तार किया गया.

ईरान के सरकारी अंग्रेज़ी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक ग्रिफ्तार होने से 24 घंटे पहले रीगी अमरीकी सैन्य अड्डे पर थे.

प्रेस टीवी ने कहा है कि अमरीका ने रिगी को अफ़ग़ानिस्तान का पासपोर्ट बना कर दिया.

टीवी का ये भी कहना है कि हाल ही में रीगी यूरोपीय देशों की यात्रा भी कर चुके हैं.

हालांकि इनमें से किसी भी दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है.

बताया जाता है कि ईरान के दूर दराज़ दक्षिण पूर्वी सुदूरवर्ती इलाक़े के ग़रीब बलूच अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जुंदुल्लाह गुट का गठन वर्ष 2002 में किया गया था.

रीगी विगत में यह दावा कर चुके हैं कि उनका गुट ईरान से अलगाव नहीं चाहता लेकिन सुन्नी समुदाय के साथ कथित भेदभाव की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए हिंसा का सहारा लेना ज़रूरी है.

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