आतंकवाद, वार्ता साथ नहीं: भाजपा

Image caption घटना में नौ लोगों के मारे जाने और 45 के घायल होने की ख़बर है

भारतीय जनता पार्टी ने पुणे बम धमाके के बाद केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखे प्रहार किए हैं.

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा है, "देश में आतंकवाद का संकट कायम है. सरकार को आतंकवाद के ख़िलाफ़ तेज़ी से लड़ाई को आगे ले जाना चाहिए. जो संकेत मिले हैं कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ चलेंगे – ऐसा नहीं हो सकता है."

उधर भाजपा के उपध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कांग्रेस की अगुआई वाली राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि वह फ़िल्म 'माई नेम इज़ ख़ान' के लिए सुरक्षा देने में लगी हुई थी और चरमपंथी हमला करने के लिए खुले घूम रहे थे.

'हेडली से संबंधित जगहों पर नज़र'

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि स्पष्ट है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ सरकार को तेज़ी से लड़ाई आगे ले जानी होगी.

पुणे में घटनास्थल पर मीडिया से बातचीत करते हुए उनका कहना था, "कथित लश्कर कार्यकर्ता डेविड हेडली इसी इलाक़े में रहता था. जिन-जिन जगहों पर वो रहता था या गया था, उन पर नज़र रखी जानी चाहिए थी."

'राहुल के निर्देश'

समाचार एजेंसियों के अनुसार भाजपा उपाध्यक्ष नक़वी ने कहा, "कांग्रेस की अगुआई वाली महाराष्ट्र की सरकार और राज्य की पुलिस राहुल गांधी के निर्देश पर 'माई नेम इज़ ख़ान' के निर्माता, निर्देशक, वितरक और कलाकारों के हितों की रक्षा में व्यस्त थी."

उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में आतंकवादी पुणे के निर्दोष लोगों को निशाना बनाने के लिए आज़ाद थे."

'राजनीतिक से परहेज़ करें'

कांग्रेस ने भाजपा के बयानों की निंदा करते हुए उस पर पुणे की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फ़ायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.

कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, "ये घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. किसी को भी देश की सुरक्षा व्यवस्था पर राजनीति नहीं करनी चाहिए."

अहमद ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जो कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई को कमज़ोर करता हो.

उन्होंने कहा, "ये वक़्त एकजुटता दिखाने का है."

संबंधित समाचार