छात्र वीज़ा पर आंशिक छूट

वीज़ा अधिकारी
Image caption वीज़ा क़ानून पर सरकार की कड़ी आलोचना हुई है

ब्रिटेन की सरकार ने उत्तर भारत के केंद्रों पर छात्रों की वीज़ा के लिए लगी अस्थायी पाबंदी में थोड़ी छूट दी है. लेकिन यह छूट उन्हीं छात्रों के लिए है, जो ब्रितानी विश्वविद्यालयों के लिए नामांकन प्रक्रिया में काफ़ी आगे तक बढ़ गए हैं.

इसकी घोषणा करते हुए करते हुए ब्रिटेन के व्यापार मंत्री पैट मैकफ़ेडन ने कहा कि ब्रिटेन की बॉर्डर एजेंसी टियर फोर वीज़ा आवेदन के निलंबन को वापस ले लेगी.

उन्होंने कहा, "बहुत ही सीमित समय में बड़ी संख्या में आए वीज़ा आवेदनों के कारण अस्थायी पाबंदी लगाई गई थी. ये घोषणा करते हुए मुझे बेहद ख़ुशी हो रही है कि आगामी एक मार्च से ये निलंबन वापस ले लिया जाएगा और इससे वो सभी छात्र लाभ उठा सकेंगे जो ब्रिटेन में उच्च शिक्षा लेना चाहते हैं."

मैकफ़ैडन का कहना था कि ये अस्थायी निलंबन आदेश निचले स्तर के कोर्स के लिए आवेदन करने वालों पर लागू रहेगा.

समीक्षा

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस निलंबन आदेश की समीक्षा करके जितनी जल्दी संभव हो उतनी जल्दी वापस ले लेंगे.

ब्रिटेन ने एक फरवरी को जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली केंद्रों से छात्र वीज़ा के आवेदन लेने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी.

इसके अलावा नेपाल और बांग्लादेश से भी वीज़ा आवेदन न लेना का फ़ैसला किया गया था.

ब्रितानी अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन महीनों में उत्तर भारत से 13 हज़ार 500 विद्यार्थी वीज़ा के आवेदन आए जबकि एक साल पहले इसी अवधि में दो हज़ार से कम आवेदन आए थे.

अधिकारियों का कहना है कि पूरी व्यवस्था इतनी बड़ी संख्या में आए आवेदनों से भर गई है और इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि इसमें से कितने असली है.

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