हिलेरी को डर, तानाशाही के रास्ते पर ईरान

हिलेरी क्लिंटन
Image caption हिलेरी क्लिंटन खाड़ी देशों के दौरे पर हैं

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का कहना है कि उन्हें ईरान के सैन्य तानाशाही की ओर बढ़ने की आशंका है.

क़तर के एक यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन में उन्होंने कहा ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इतनी शक्ति हासिल कर ली है कि उन्होंने परोक्ष रूप से सरकार की जगह ले ली है.

हिलेरी क्लिंटन ने ईरान के अपील की कि वह अपने ख़तरनाक नीतिगत फ़ैसलों पर फिर से विचार करे.

उन्होंने कहा कि ईरान के क़दमों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पास और प्रतिबंध के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा.

अपील

दोहा में अमरीका-इस्लामिक वर्ल्ड फ़ोरम में दिए अपने भाषण में हिलेरी क्लिंटन ने मुस्लिम नेताओं से अपील की कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने में मदद करें.

उन्होंने कहा कि ईरान की नीतियों से यह पता चलता है कि वह परमाणु हथियार बना रहा है.

अमरीका और उसके सहयोगी देशों को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है.

लेकिन ईरान दावा करता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.

दबाव

इससे पहले हिलेरी क्लिंटन के सहयोगियों ने यह जानकारी दी थी कि अमरीका सऊदी अरब पर इस बात के लिए दबाव बनाएगा कि वो ईरान के ख़िलाफ़ कड़े रुख़ के लिए चीन को मनाए.

गुरुवार को ही अमरीका ने यह घोषणा की थी कि वो ईरान की एक निर्माण कंपनी और प्रतिबंध लगा रहा है, जिसे रिवोल्यूशनरी गार्ड चलाती है.

ये भी माना जा रहा है कि हिलेरी क्लिंटन सऊदी अरब के माध्यम से यह भी बताएँगी कि अगर ईरान पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से और पाबंदी लगाने की स्थिति में चीन को तेल की कमी हुई, वे इसे पूरा करेंगे.

हिलेरी क्लिंटन सऊदी अरब की अपनी पहली यात्रा में शाह अब्दुल्ला और विदेश मंत्री प्रिंस सऊद-अल-फ़ैसल से मुलाक़ात करेंगी.

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