हत्यारों में नाम आने से ब्रितानी स्तब्ध

संदिग्ध
Image caption दुबई के अधिकारियों ने हमास नेता की हत्या का इन लोगों पर संदेह व्यक्त किया है

हमास के एक नेता की हत्या में इसराइल स्थित ब्रितानी नागरिकों के फर्ज़ी पासपोर्ट इस्तेमाल करने की बात सामने आने से ये लोग स्तब्ध हैं.

मेलविन मिल्डेनर ने यरुशलम पोस्ट को बताया,''मुझे निमोनिया था और मैं सोने गई और जब सो कर उठी तो मेरा नाम हत्यारों में था.''

जबकि पॉल कीले का कहना था कि वो पिछले दो वर्षों से इसराइल से बाहर ही नहीं गए हैं.

दुबई के अधिकारियों का मानना है कि यूरोपीय पासपोर्ट वाले 11 एजेंटों ने हमास के वरिष्ठ नेता महमूद अल मबहूह की हत्या कर दी थी.

ऐसा कहा जा रहा है कि छह ब्रितानी और तीन आयरिश फ़र्ज़ी पासपोर्ट इस्तेमाल किए गए थे.

दो अन्य संदिग्धों ने फ्रांसीसी और जर्मन दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया.

ऐसे तथ्य सामने आए हैं कि इसराइल के चार लोगों के नाम संदिग्धों के रूप में सामने आए थे लेकिन उन सभी ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है.

ब्रिटेन के कैंट में पैदा हुए 42 वर्षीय कीले उत्तरी इसराइल में पिछले 15 वर्षों से रहते हैं.

उन्होंने डेली टेलिग्राफ़ समाचारपत्र को बताया कि ये बेहद चिंताजनक है लेकिन उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं किया है.

उनका कहना था,''जब मैंने सुना तो सबसे पहले मैंने ये सुनिश्चित किया कि मेरा पासपोर्स सुरक्षित रखा है कि नहीं. ये चोरी नहीं हुआ था इसलिए मैं नहीं जानता कि क्या हुआ.''

हत्या की गुत्थी

उल्लेखनीय है कि फ़लस्तीनी संगठन हमास के एक वरिष्ठ नेता महमूद अल मबहूह की हत्या 20 जनवरी को दुबई के एक होटल के कमरे में कर दी गई थी.

Image caption महमूद अल मबहूह फ़लस्तीनी संगठन हमास के प्रमुख नेता थे

हमास का कहना है कि वो संगठन के लिए हथियार ख़रीदने दुबई गए थे जहां इसरायली एजेंटों ने उनकी हत्या कर दी थी.

दुबई पुलिस प्रमुख का कहना है कि संदिग्धों में से छह के पास ब्रितानी पासपोर्ट थे, तीन के पास आयरलैंड के, एक के पास फ़्रांस और एक के पास जर्मनी का पासपोर्ट था.

दुबई में अधिकारियों का कहना है कि ये एक पेशेवर गुट था जिसे किसी विदेशी ताक़त ने इस अभियान को अंजाम देने के लिए भेजा था.

उन्हें शक कि ये एजेंट नकली दस्तावेज़ लेकर आए थे.

पुलिस प्रमुख ने होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में क़ैद इन एजेंटों का फ़ुटेज भी दिखाया है जिसमें एक जगह लगता है जैसे ये लोग नकली दाढ़ी और विग लगाए हुए हैं.

दुबई के एक वरिष्ठ अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल धफ़ी ख़लफान तमीम का कहना था,''हम इसमें मोसाद (इसराइली ख़ुफ़िया एजेंसी) का हाथ होने की संभावना से इनकार नहीं कर रहे लेकिन जब हम इन संदिग्धों को गिरफ़्तार करेंगे तभी जान पाएंगे कि इसके पीछे कौन था.''

पिछले महीने आई रिपोर्टों के अनुसार महमूद अल मबहूह को बिजली का करंट लगाकर और दम घोंटकर मारा गया था. मबहूह 1989 से ही सीरिया में रह रहे थे.

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