दुबई मामले में नए पासपोर्ट देने की पेशकश

हमास
Image caption हमास नेता की हत्या में छह ब्रितानी लोगों के फ़र्ज़ी पासपोर्ट इस्तेमाल किए गए हैं

ब्रिटेन की सरकार ने पिछले महीने दुबई में हमास नेता की हत्या में जिन छह ब्रितानी लोगों के फ़र्ज़ी पासपोर्ट इस्तेमाल किए गए हैं, उनको नए पासपोर्ट जारी करने की पेशकश की है.

ब्रितानी अधिकारियों का कहना है कि ये सभी लोग इसराइल में रहते हैं और नए पासपोर्ट जारी करने से ये सुनिश्चित हो सकेगा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसी इंटरपोल संदेह में गिरफ़्तार न कर सके.

इधर इसराइली अधिकारियों का कहना है कि उन्हें दुबई पुलिस के इस दावे के के बारे में कुछ नहीं कहना है जिसमें उन्होंने कहा था कि हमास नेता महमूद अल मबहूह की हत्या में इसराइली गुप्तचर सेवा मोसाद का हाथ है.

दुबई के पुलिस प्रमुख का कहना है कि उन्हें इस बात का 99 प्रतिशत भरोसा है कि इसराइली ख़ुफ़िया सेवा के एजेंट हमास के कमांडर महमूद अल मबहूह की हत्या में शामिल हैं.

लेकिन इसराइल का कहना है कि इसका कोई सबूत नहीं है.

यूरोपीय देश नाराज़

ब्रिटेन ने इस बात पर नाराज़गी जताई है कि इस मामले में छह ब्रितानी लोगों के पासपोर्ट का इस्तेमाल किया गया है.

ब्रिटेन, आयरलैंड और फ़्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने इसराइल पर इस बात के लिए दबाव बढ़ाया है कि अगर उसके पास हमास के कमांडर की हत्या के बारे में कोई जानकारी है, तो वह उसे उपलब्ध कराए.

ग़ौरतलब है कि फ़लस्तीनी संगठन हमास के एक वरिष्ठ नेता महमूद अल मबहूह की हत्या 20 जनवरी को दुबई के एक होटल के कमरे में कर दी गई थी.

हमास का कहना है कि वो संगठन के लिए हथियार ख़रीदने दुबई गए थे जहां इसराइली एजेंटों ने उनकी हत्या कर दी.

दुबई पुलिस प्रमुख का कहना है कि संदिग्धों में से छह के पास ब्रितानी पासपोर्ट थे, तीन के पास आयरलैंड के, एक के पास फ़्रांस और एक के पास जर्मनी का पासपोर्ट था.

दुबई में अधिकारियों का कहना है कि ये एक पेशेवर गुट था जिसे इस अभियान को अंजाम देने के लिए भेजा गया था.

दुबई पुलिस प्रमुख ने होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में क़ैद इन एजेंटों का फ़ुटेज भी दिखाया है जिसमें एक जगह लगता है जैसे ये लोग नकली दाढ़ी और विग लगाए हुए हैं.

पिछले महीने महमूद अल मबहूह को बिजली का करंट लगाकर और दम घोंटकर मारा गया था. मबहूह 1989 से ही सीरिया में रह रहे थे.

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