'खाड़ी नहीं फ़ारस की खाड़ी कहो'

विमान (फ़ाइल)
Image caption विदेशी विमानों के मोनीटर पर 'फ़ारस की खाड़ी' लाने के लिए इरान लागतार मांग करता रहा है.

ईरान ने अपनी वायुसीमा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय विमानों के उड़ने पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है.

जारी की गई चेतावनी में कहा गया है कि विमानों के अंदरूनी मोनीटर्स पर खाड़ी की जगह ‘फ़ारस की खाड़ी’ नाम का व्यवहार शुरू होना चाहिए.

बीबीसी के तेहरान संवाददाता जोन लेन का कहना है कि सरकार के एक संबंधित मंत्री ने कहा है कि इस आदेश का पालन नहीं करने वाले विमानों को ईरान के वायुसीमा क्षेत्र में घुसने से रोका जाएगा.

उनका कहना है कि यदि कोई विमान सेवा ऐसा बार-बार करता है तो उस विमान को ज़ब्त कर लिया जाएगा और उसे ईरान से बाहर जाने नहीं दिया जाएगा.

विमान के मोनिटर्स पर नाम बदलने के लिए विदेशी वायुसेवाओं को 15 दिन का समय दिया गया है.

मुद्दा

Image caption मांग पूरा न होने के बाद ये चेतावनी दी गई है.

ईरान इस बात पर काफ़ी समय से ज़ोर देता रहा है कि जो खाड़ी उसे दक्षिण के पड़ोसी देशों से अलग करती है उसका नाम ‘फ़ारस की खाड़ी’ होना चाहिए.

इस पट्टी को ‘अरब की खाड़ी’ कहने पर ईरान की नाराज़गी और बढ़ती है.

हाल ही में ईरान एयरलाइंस में काम कर रहे एक विदेशी कैबिन दल के सदस्य को इस ग़लती के लिए नौकरी से हटा दिया गया और उसे देश से बाहर भी कर दिया गया था.

इस मामले को स्पष्ट करने के लिए ईरान ने कई सम्मेलनों में इस विषय पर चर्चा भी की है और प्राचीन नक्शों और निर्णायक साक्ष्य को भी दुनिया के सामने रखने की कोशिश की है.

अरब जगत और यूरोप समेत कई दूसरे विमान ईरान की वायु सीमा से होकर उड़ान भरते हैं और ये देखने वाली बात होगी कि उनकी प्रतिक्रिया क्या होती है.

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