नस्ली हमलों का जवाब भारतीय खानों से

  • 25 फरवरी 2010
मेलबर्न का रुचि रेस्टोरेंट
Image caption भारतीयों पर हो रहे हमलों के विरोध में ऑस्ट्रेलियाई लोग रेस्टोरेंट में पहुँचे.

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हुए हमलों का विरोध करने और भारतीय समुदाय के साथ प्रतिबद्धता दिखाने के लिए अब भोजन का सहारा लिया जा रहा है.

मेलबर्न में रहने वाली एक ऑस्ट्रेलियाई मिया नोथोर्प ने 'विंडालू अगेंस्ट वायलेंस' के नाम से एक अनोखा अभियान शुरू किया है.

उन्होंने पूरे देश में अपील की थी कि लोग 24 फ़रवरी को भारतीय रेस्टोरेंट में जाएँ और विंडालू और अन्य भारतीय व्यंजनों का स्वाद लें.

'विंडालू अगेंस्ट वायलेंस' के आयोजकों के मुताबिक़ हज़ारों ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने इस अभियान में भाग लिया.

कैनबरा में भी कई लोग अपने पसंदीदा भारतीय रेस्टोरेंट पहुँचे.

अच्छा विचार

इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए यहाँ के 'रुचि' नामक एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट पहुँचे थे जॉन और डेविड.

उन्होंने बताया, ''जब हमने इस बारे में सुना तो लगा कितना अच्छा विचार है. हमें भी इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए.''

उन्होंने कहा,''हम यह बताना चाहते हैं कि मेलबर्न में जो हुआ उसे हम अनदेखा नहीं कर सकते हैं. वह ग़लत है. मुझे इस बात पर शर्म आती है कि कुछ लोगों का रवैया इस तरह का है.''

उन्होंने कहा, ''हम यह संदेश देना चाहते हैं कि हम यहाँ रह रहे भारतीयों के साथ हैं.''

डेविड ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ियों को नसीहत देते हुए कहा,''उन्हें डरना नहीं चहिए और भारत जाकर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहिए. अगर उन्हें क्रिकेट का हीरो बनाना है तो हीरो की तरह आतंकवादी हमलों की चिंता किए बिना भारत जाना चाहिए.''

इयान और गोर्दाना फ्रेडरिक्स इस अभियान के तहत बॉलीवुड डाइमेंशन नाम के एक भारतीय रेस्टोरेंट पहुँचे.

गोर्दाना ने बताया कि उनके संपर्क में कई भारतीय हैं और दूसरी कई अन्य संस्कृतियों के लोगों से भी उनकी जान-पहचान है.उन्हें लगता है की सब लोग मूलतः एक जैसे ही तो हैं.

भारतीयों पर हुए नस्लीय हमलों के संबंध में उन्होंने कहा, ''भारतीयों को ऑस्ट्रेलिया आते समय चिंता नहीं करनी चाहिए.'' अनोखा प्रयास

मिया नोथोर्प ने बताया, ''एक दिन मैं और मेरे पति एक भारतीय रेस्टोरेंट से लौटते समय मेलबर्न में हुई घटनाओं पर बात कर रहे थे. हमलों से हम निराश थे. हम कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे भारतीयों के साथ प्रतिबद्धता दिखा सकें.''

उन्होंने बताया, ''हमने सोचा, अगर यह संदेश देने के लिए एक ही दिन हज़ारों लोग भारतीय रेस्टोरेंट में जाएँ तो कैसा रहेगा.''

इसके बाद मिया नोथोर्प ने अपने दोस्तों से इस संबंध में बात की जिन्हें यह विचार पसंद आया.

इस तरह इस अभियान ने अपना रंग दिखाया और बुधवार को पूरे ऑस्ट्रेलिया में और विदेश में रहने वाले ऑस्ट्रेलियाई भारतीय रेस्टोरेंट में गए, घर में भारतीय भोजन पकाया और ऑफ़िस-स्कूल में भी इस तरह का आयोजन किया.

विक्टोरिया पुलिस और प्रीमियर जॉन ब्रंबी ने भी इस अभियान में अधिकारिक रूप से भाग लिया.

मिया नोथोर्प ने कहा, ''यह केवल भारतीय व्यंजन खाने की बात नहीं है. यह एक प्रयास है ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले सभी आप्रवासी लोगों तक पहुँचने का. उन्हें यह बताने का कि ऑस्ट्रेलिया में उनका स्वागत है. उनका यह हक़ है कि वे यहाँ सुरक्षित महसूस करें.''

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए यह बात बहुत मायने रखती है कि उनके देश में सांस्कृतिक विभिन्नता है.

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