चिली में भीषण भूकंप से 214 मौतें, कई जगह सूनामी

  • 28 फरवरी 2010
भूकंप से तबाही
Image caption भूकंप ने कई पुलों और राजमार्गों को ध्वस्त कर दिया है

चिली में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. वहाँ के आतंरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री ने अब तक कम से कम 214 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.

कहा गया है कि मरने वालों की संख्या और अधिक भी हो सकती है.

भूकंप की तीव्रता 8.8 मापी गई है. कहा जा रहा है कि यह अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप है. अमरीकी भूवैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप का केंद्र ज़मीन से 35 किलोमीटर नीचे था.

टेलीविज़न पर दिखाई जा रही तस्वीरों में मलबे में तब्दील हो गईं इमारतें दिख रही हैं. सड़कों और पुलों के टूटने से वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं और यहाँ वहाँ गिरे दिखाई पड़ रहे हैं.

भूकंप की वजह से राजधानी में एक रसायन संयंत्र में आग भी लग गई.

इस भूकंप ने प्रशांत महासागर में सूनामी की लहरें भी पैदा की हैं जिसकी चपेट में प्रशांत महासागर क्षेत्र के कई देश आए हैं.

तबाही

भूकंप शनिवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे के क़रीब आया और इसका केंद्र राजधानी सेंटियागो से 317 किलोमीटर दूर कॉसेप्शियाँ शहर के उत्तर पूर्व में केंद्रित था.

इसकी वजह से बिजली, पानी और टेलीफ़ोन की लाइनें ध्वस्त हो गई हैं और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं.

चिली में भूकंप का पुराना इतिहास रहा है इसलिए वहाँ आधुनिक इमारतें इसे ध्यान में रखकर बनाई जाती रही हैं.

लेकिन सेंटियागो में चर्च की कुछ पुरानी इमारतें ध्वस्त हो गई हैं जबकि कॉसेप्शियाँ शहर में मुख्य नदी पर बना पुल ध्वस्त हो गया है.

पत्रकारों का कहना है कि अकेले मॉले क्षेत्र में ही कम से कम 85 लोगों की मौत हुई है.

इसके अलावा सैंटियागो, ओ' हिगिंस, बियोबियो, अरॉकैनिया और वालपैरोइसो से भी नुक़सान की ख़बरें मिल रही हैं.

सैंटियागो के अंतरराष्ट्रीय विमानतल को पहुँची क्षति की वजह से उसे 72 घंटों के लिए बंद कर दिया गया है.

भूकंप इतना भीषण था कि इसके झटके हज़ारों किलोमीटर दूर पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए.

भूकंप के झटके अलग-अलग जगह कुछ सेकेंडों से लेकर दो मिनट तक महसूस किए गए.

चिली की राष्ट्रपति मिचेल बेचलेट ने लोगों से शांत रहने की अपील करने की है और ज़रूरत पड़ने पर प्रशासन से संपर्क करने को कहा है.

उन्होंने कहा है, "जो कुछ भी संभव है वह सब हम कर रहे हैं."

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि यदि चिली की सरकार ने सहायता माँगी तो अमरीकी सहायता भेजने को तैयार है.

उन्होंने चिली की राष्ट्रपति मिचेल बेचलेट से फ़ोन पर चर्चा करते हुए अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं और सहायता का प्रस्ताव भी दिया है.

उन्होंने भूकंप को लेकर त्वरित कार्रवाई के लिए चिली सरकार की सराहना भी की है.

सूनामी

Image caption भूकंप ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है

इस भूकंप ने प्रशांत महासागर में सूनामी की लहरें पैदा की हैं और इसकी वजह से चिली के तट पर भी दो से ढाई मीटर ऊँची लहरें उठती दिखाई पड़ी हैं.

इससे जुआन फ़र्नाडिस और फ़्रेंच पोलिनेसिया में गंभीर नुक़सान भी पहुँचा है.

संवाददाताओं का कहना है कि हवाई द्वीप के आसपास अब सूनामी की लहरें कमज़ोर पड़ने लगी हैं.

सूनामी की लहरें हवाई और न्यूज़ीलैंड पहुँच चुकी हैं.

इसके बाद जापान और फ़िलीपींस में सूनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है और इससे निपटने की तैयारियाँ की गई हैं.

लोगों को समुद्र तट से दूर ऊँचे स्थानों की ओर जाने को कहा गया है.

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