भूकंप में मरने वालों की संख्या 300 से अधिक

  • 28 फरवरी 2010
चिली में भूकंप

चिली में अधिकारियों का कहना है कि देश के मध्य में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या तीन सौ को पार कर गई है.

अब तक के सबसे बड़े भूकंपों में से एक में लाखों मकान ध्वस्त हो गए, कई बड़ी इमारतों और पुलों को नुक़सान पहुँचा और सड़कें टूट गईं.

राष्ट्रपति मिशेल बैशेलेट ने कहा है कि 8.8 के स्केल पर आए इस भूकंप से बीस लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

उन्होंने सर्वाधिक प्रभावित शहर कॉसेप्शियाँ में विनाश की स्थिति की घोषणा कर दी है लेकिन कहा है कि चिली ने अन्य देशों से सहायता की गुहार नहीं की है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि यदि चिली की सरकार ने सहायता माँगी तो अमरीका सहायता भेजने को तैयार है.

Image caption भूकंप से भारी तबाही हुई है.

उन्होंने चिली की राष्ट्रपति मिशेल बैशलेट से फ़ोन पर चर्चा करते हुए अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं और सहायता का प्रस्ताव भी दिया है.

उन्होंने भूकंप को लेकर त्वरित कार्रवाई के लिए चिली सरकार की सराहना भी की है.

भूकंप शनिवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे के क़रीब आया और इसका केंद्र राजधानी सेंटियागो से 317 किलोमीटर दूर कॉसेप्शियाँ शहर के उत्तर पूर्व में केंद्रित था.

भूकंप इतना भीषण था कि इसके झटके हज़ारों किलोमीटर दूर पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए.

भूकंप के झटके अलग-अलग जगह कुछ सेकेंडों से लेकर दो मिनट तक महसूस किए गए.

सूनामी की लहरें

इस भूकंप ने प्रशांत महासागर में सूनामी की लहरें पैदा की हैं और इसकी वजह से चिली के तट पर भी दो से ढाई मीटर ऊँची लहरें उठती दिखाई पड़ी हैं.

इससे जुआन फ़र्नाडिस और फ़्रेंच पोलिनेसिया में गंभीर नुक़सान भी पहुँचा है.

संवाददाताओं का कहना है कि हवाई द्वीप के आसपास अब सूनामी की लहरें कमज़ोर पड़ने लगी हैं.

सूनामी की लहरें हवाई और न्यूज़ीलैंड पहुँच चुकी हैं.

इसके बाद जापान और फ़िलीपींस में सूनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है और इससे निपटने की तैयारियाँ की गई हैं.

लोगों को समुद्र तट से दूर ऊँचे स्थानों की ओर जाने को कहा गया है.

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