कराजिच ने कहा, वो पवित्र लड़ाई थी

रादोवान कराजिच
Image caption कराजिच ट्राईब्यूनल में अपना बचाव ख़ुद कर रहे हैं

बोस्निया के पूर्व सर्ब नेता रादोवान कराजिच के ख़िलाफ़ जनसंहार का मुक़दमा हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय युद्धापराध ट्राईब्यूनल में सोमवार को शुरू हुआ है.

1992 और 1995 के बीच बोस्निया में हुए युद्ध के दौरान जनसंहार के आरोपों के इस मुक़दमे में रादोवान कराजिच अपना बचाव ख़ुद कर रहे हैं यानी उन्होंने फिलहाल कोई वकील नहीं लिया है.

कराजिच पर जनसंहार, युद्धापराध और मानवता के विरुद्ध अपराधों सहित 11 आरोप निर्धारित किए गए हैं. इनमें से एक आरोप 1995 में सेरेब्रेनीत्सा में आठ हज़ार मुसलमानों को मारने का भी है.

उस लड़ाई में एक लाख से भी ज़्यादा लोग मारे गए थे जिनमें ज़्यादातर मुसलमान थे. कराजिच ने उस लड़ाई को न्यायसंगत और पवित्र युद्ध क़रार दिया है. साथ उन्होंने आरोप भी लगाया कि वो युद्ध बोस्नियाई मुसलमानों से शुरू किया था.

पिछले क़रीब चार महीनों से कराजिच इस ट्राईब्यूनल का यह कहते हुए बहिष्कार कर रहे थे कि उन्हें मुक़दमे की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए.

क़सूर किसका?

रादोवान काराजिच सोमवार को जब अदालत में पहुँचे तो बेफिक्र दिख रहे थे और उन्होंने कहा कि बोस्निया में 1990 के दशक के आरंभ में मुसलमानों का एक ऐसा कोर गुट था जो सत्ता पर पूरी तरह क़ब्ज़ा करना चाहता था.

काराजिच का कहना था कि उस गुट के इस बर्ताव की वजह से ही उनके यानी काराजिच के दिल में संदेह पैदा हुआ और सब्रों ने जो कुछ भी किया वो आत्मरक्षा में किया.

काराजिच ने कहा कि वो समझते हैं कि कुछ अशांति अवश्य हुई लेकिन किसी भी गृह युद्ध में ऐसा तो होता ही है.

रादोवान काराजिच ने न्यायालय को बताया कि वो अपना कोई बचाव नहीं कर रहे हैं क्योंकि वो तो एक ऐसे राष्ट्र की अदना सी हस्ती हैं जिसने 500 वर्षों तक बहुत कठिन समय देखा है.

रादोवान का कहना था, "मैं यहाँ ख़ुद को नहीं बल्कि उस छोटे से राष्ट्र की महानता का बचाव करने के लिए पेश हुआ हूँ जिसने बोस्निया हर्ज़ेगोविना में 500 वर्षों तक मुश्किलों का सामना किया."

"मैं अपने बचाव में यह नहीं कहना चाहता कि मैं कोई महत्वपूर्ण हस्ती नहीं रहा हूँ क्योंकि मैं अपने लोगों की सेवा कर रहा था और मैं दोष किसी और पर भी नहीं मढ़ना चाहता हूँ. मैं अपने राष्ट्र और उसके मक़सद का बचाव अवश्य करना चाहूँगा जोकि न्यायपूर्ण और पवित्र रहा है."

उन्होंने यह भी कहा कि क्योंकि उनके पास अपने बचाव में ठोस सबूत हैं इसिलए उनका मुक़दमा काफ़ी मज़बूत है और अगर समुचित समय दिया जाए तो वो इसे अदालत में साबित भी कर देंगे.

यहाँ ध्यान दिलाते चलें कि फ़रवरी 1994 में सरायोवो में एक भीड़ भरे बाज़ार में मोर्टार हमला किया गया था जिसमें लगभग 70 लोगों की मौत हो गई थी.

यह हमला उस समय सर्ब सेनाओं की बोस्निया की राजधानी सरायेवो की साढ़े तीन वर्ष तक की घेराबंदी के दौरान हुआ था.

रादोवान काराजिच पर जो अन्य आरोप लगाए गए हैं उनमें 1995 में सेरेब्रेनीत्सा में सात हज़ार मुसलमानों की हत्या की ज़िम्मेदारी का आरोप भी है.