लुटेरों से जूझ रही है चिली की सेना

  • 2 मार्च 2010
Image caption लूटपाट के दौरान सामान छीनते लोग

चिली के शहर कॉन्सेप्सियॉन में आए विनाशकारी भूकंप के बाद वहाँ लूटपाट की घटनाओं के बीच सेना क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश में जुटी हुई है.

रात को लगे कर्फ़्यू के दौरान कुछ लोगों ने घरों और दुकानों से खाना और अन्य चीज़ें लूटने की कोशिश की. गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 160 को गिरफ़्तार कर लिया गया.

कई लोग दुकानों में रखी ट्रॉलियों में खाने का सामान रख कर ले गए तो कुछ लोग टीवी वगैरह उठाकर ले गए.

करीब पाँच लाख की आबादी वाले कॉन्सेप्सियाँ शहर में खाने-पीने की कमी हो गई है और बिजली की सप्लाई भी नहीं है.

इस बीच एक इमारत से कुछ लोगों को ज़िंदा निकालने की कोशिश की जा रही है जहाँ कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है.

शहर की मेयर जैक्लीन वैन ने चेतावनी दी है कि सामाजिक तनाव की स्थिति खड़ी हो सकती है.

शनिवार को आए भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 723 हो गई है और 19 लोग लापता हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वो चिली को तुरंत राहत सामग्री भेजेगा.

संयुक्त राष्ट्र की प्रवक्ता एलिसाबेथ बायर्स ने बताया कि चिली ने आग्रह किया है कि वो संचार उपकरण और राहत दल भेजे.

तबाही

भूकंप की चपेट में आए तटीय कस्बों और गाँवों में तबाही का मंज़र अब धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगा है.

चीली के रक्षा मंत्री फ़्रांसिस्को विडाल ने माना है कि चिली ने भूकंप के तुरंत बाद सूनामी की चेतावनी जारी न कर ग़लती की क्योंकि ऐसा करने से तटीय इलाक़ों के लोग ऊंचाई वाले इलाक़ों में शरण ले सकते थे.

हालांकि उन्होंने कहा कि बंदरगाहों पर दी गई चेतावनी से कई लोगों की जान बची.

पिछले 50 सालों में ये चिली का सबसे विनाशकारी भूकंप है. करीब 20 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं.

चिली की राष्ट्रपति मिचेल बैचलेट 11 मार्च को नए राष्ट्रपति को सत्ता सौंपने वाली हैं. उन्होंने कहा है कि वायुसेना लोगों को खाना पहुँचाएगी. चिली ने पहले विदेशी सहायता लेने से मना कर दिया था पर बाद में उसने कहा कि वो कुछ मदद लेगा.

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