इराक़ में हिंसा के बीच मतदान

इराक़ हिंसा

इराक़ के संसदीय चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया है. लेकिन मतदान के दौरान हुई हिंसा में 35 लोग मारे गए हैं.

राजधानी बग़दाद समेत देश के कई हिस्सों में हुए हमलों में कम से कम दो इमारतें नष्ट हो गई हैं. सिर्फ़ बग़दाद में ही क़रीब 20 धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं. फ़लूजा में एक मतदान केंद्र के पास दो धमाके हुए हैं.

इराक़ के कई शहरों में मौजूद बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि उन्होंने वहाँ सामान्य मतदान देखा. मतदान में लोग आसानी से हिस्सा ले सकें, इसके लिए अधिकारियों ने वाहनों की आवाजाही पर लगी पाबंदी कुछ समय के लिए हटा ली थी.

वर्ष 2003 में इराक़ पर हुए हमले के बाद से यह दूसरा संसदीय चुनाव है.

हिंसा की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी और ईरान से लगी सीमा को सील कर दिया गया था.

देशभर में हज़ारों सैनिकों को तैनात किया गया था.

अपील

इस बीच प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने देश की जनता से अपील की थी कि वे बड़ी संख्या में मतदान में हिस्सा लें और इससे देश में लोकतंत्र मज़बूत होगा.

Image caption राष्ट्रपति तालबानी ने भी मतदान में हिस्सा लिया

इराक़ में संसदीय चुनाव के लिए मतदान ऐसे समय में हुआ है, जब देश में हिंसा की घटनाओं में कमी आई है. पिछले वर्षों के मुक़ाबले आम नागरिक, इराक़ी और अमरीकी सैनिक भी कम संख्या में मारे गए हैं.

वर्ष 2005 में हुए संसदीय चुनाव में नूरी अल मलिकी देश के प्रधानमंत्री बने थे. संसद में शिया पार्टियों का बहुमत था.

राष्ट्रपति जलाल तालबानी ने भी जनता से मतदान में हिस्सा लेने की अपील की. रविवार तो उन्होंने कुर्द इलाक़े के सुलेमानिया में मतदान किया.

कट्टरपंथी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने भी इराक़ी लोगों से मतदान में हिस्सा लेने और हिंसा छोड़ने की अपील की थी.

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