मुद्रा अवमूल्यन से चीन का इंकार

वेन जियाबाओ
Image caption चीन के प्रधानमंत्री ने कहा कि युआन की स्थिरता ने दुनिया को आर्थिक संकट से उबारने में मदद की है

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने इस आलोचना का खंडन किया है कि चीन अपने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अपनी मुद्रा युआन की क़ीमत को कम बनाए हुए है.

वेन जियाबाओ ने कहा कि युआन की स्थिरता ने दुनिया को आर्थिक संकट से उबारने में महत्वपूर्ण योगदान किया है.

जबकि अमरीकी सांसद और व्यापार संगठन कहते हैं कि अमरीकी डॉलर के मुक़ाबले युआन की जो क़ीमत होनी चाहिए उससे 40 प्रतिशत नीची रखी हुई है.

चीन के प्रधानमंत्री चीनी संसद के सालाना अधिवेशन के समापन पर बोल रहे थे.

वेन जियाबाओ ने कहा कि अमरीका के साथ उसके संबंधों में आया खिंचाव अमरीका की ग़लती है क्योंकि उसने ताइवान को हथियार बेचे और दलाई लामा को राष्ट्रपति निवास ‘व्हाइट हाउस’ में आमंत्रित किया.

स्वायत्तता का उल्लंघन

ग्रेट हॉल ऑफ़ पीपुल में भाषण देते हुए चीन के प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं नहीं समझता कि युआन का मूल्य घटाकर रखा गया है”.

सन 2005 तक युआन अमरीकी डॉलर के साथ बंधा था. उसके बाद उसकी क़ीमत 20 प्रतिशत बढ़ने दी गई.

लेकिन 2008 में जब दुनिया में आर्थिक संकट पैदा हुआ और चीनी उत्पादों की मांग घटने लगी तो उसे फिर अमरीकी डॉलर के साथ जोड़ दिया गया.

अमरीका के साथ संबंधों में आए तनाव के बारे में पूछे जाने पर वेन जियाबाओ ने कहा, “अमरीका और चीन के संबंधो में आए व्यवधान की ज़िम्मेदारी अमरीका की है चीन की नहीं”.

जनवरी में अमरीका ने ताइवान को 6.4 अरब डॉलर के हथियार बेचने की स्वीकृति दी. हालांकि इस सौदे की बातचीत राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के कार्यकाल में शुरु हुई थी.

इसके अलावा राष्ट्रपति बराक ओबामा व्हाइट हाउस में तिब्बत के धार्मिक नेता दलाई लामा से मिले.

चीन के प्रधानमंत्री ने कहा कि ये दोनों क़दम ‘चीन की स्वायत्तता का उल्लंघन’ थे.

चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और पुन: एकीकरण की प्रतीक्षा कर रहा है.

वेन जियाबाओ ने दिसम्बर 2009 में कोपनहेगन में हुए पर्यावरण सम्मेलन के दौरान चीन की भूमिका को सही ठहराया.

चीन पर आरोप था कि उसने सम्मेलन में बेहतर समझौते की राह में बाधा डाली.

वेन जियाबाओ ने कहा कि उनका शिष्टमंडल उस समय भी समझौते की लगातार कोशिश करता रहा जब अन्य प्रतिनिधियों ने हाथ खड़े कर दिये थे.

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