नाइजीरिया में हमलों में सैकड़ों की मौत

  • 8 मार्च 2010
नाइजीरिया में साम्प्रदायिक हिंसा
Image caption यहाँ मुस्लिम और इसाईयों में लंबे समय से तनाव रहा है.

नाइजीरिया के जोस शहर के पास हुए सांप्रदायिक झड़पों के बाद बदले की नीयत से किए गए हमलों में 500 लोग मारे गए हैं.

मरने वालों की संख्या पहले 100 बताई गई थी. नाइजीरिया में ऐसी झड़पों में मृतकों की सटीक संख्या बताना हमेशा से मुश्किल रहा है.

अधिकारियों का कहना है कि जोस के समीप ख़ासतौर पर ईसाइयों के तीन गांवों पर हमला किया गया. हमला करने वाले लोग पड़ोसी पहाड़ी इलाक़े के थे और उनके पास धारदार हथियार थे.

कहा जा रहा है कि हमलावर उन सैकड़ों लोगों की मौत का बदला ले रहे हैं जिनकी जोस के आसपास के इलाकों में जनवरी में हत्या की गई थी.

अलर्ट

कार्यवाहक राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने इलाक़े में हथियारों की आपूर्ति रोकने के लिए सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया है.

समाचार एजेंसियों का कहना है कि सैनिक गांवों में पहुँच गए हैं और वहाँ अब शांति क़ायम हो गई है.

ज़्यादातर मृतक ज़ोट और डोगा-नहावा गाँवों के रहने वाले हैं. मृतकों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं.

स्टीफंस फ़ाउंडेशन के मार्क लिपडो का कहना है कि ज़ोट गाँव को लगभग तबाह कर दिया गया है.

डोगा-नहावा गाँव के एक निवासी का कहना है कि हमलावर गोलियाँ चलाते हुए गाँव में दाख़िल हुए.

पीटर जैंग ने बताया, "गोलियाँ केवल इसलिए चलाई गई थीं कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आएँ. लोगों के बाहर आने पर हमलावरों ने धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया."

जोस शहर नाइजीरिया के उत्तरी और दक्षिणी इलाक़ों के बीच स्थित है. उत्तरी इलाक़े में मुस्लिम और दक्षिणी इलाके में ईसाई आबादी बहुमत में है.

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