अमरीका-रूस के बीच समझौते की उम्मीद जगी

Image caption रूस और अमरीका में परमाणु हथियार घटाने पर सहमति हुई है

अमरीका और रूस का कहना है कि दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों को कम करने पर जल्द एक समझौता हो सकता है.

इस संबंध में दोनों देशों के राष्ट्रपति टेलिफ़ोन पर बात कर चुके हैं और प्रगति की समीक्षा कर चुके हैं.

अमरीका का कहना है कि बातचीत अच्छी रही है. दूसरी ओर रूस का कहना है कि इस संबंध में औपचारिक समझौते के बारे में कोई अभी कोई तारीख़ तय नहीं हुई है.

अमरीका और रूस दोनों पुराने समझौते को बदलने के लिए पिछले एक साल से बातचीत कर रहे हैं.

इस समझौता की मियाद इस साल के अंत में समाप्त हो गई है.

अमरीका का कहना है कि उसके पास लगभग दो सौ परमाणु हथियार हैं जबकि माना जा रहा है कि रूस के पास ऐसे तीन सौ हथियार हैं.

नई सोच

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पहले कहा था कि वो ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं जहाँ परमाणु हथियारों की जगह नहीं है.

उनका कहना था कि शीत युद्ध काल की सोच बदलनी होगी और इसमें अमरीका की बड़ी भूमिका होगी.

ओबामा का मानना था कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए नई साझेदारियाँ बनानी होंगी.

लेकिन एक जटिल मुद्दा अब भी बना हुआ है और वो ये कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कब किया जा सकता है.

बहस दो खेमें को बीच में है- एक खेमा मानता है कि अमरीकी परमाणु हथियारों का मकसद केवल यह होना चाहिए कि दूसरे देश उसकी परमाणु क्षमता देखकर हमला न करें. वहीं दूसरा खेमा वो है जो पहले परमाणु हमला करने का विकल्प रखना चाहता है.

हालांकि अमरीका की मिसाइल सुरक्षात्मक प्रणाली को लेकर रूस में चिंता बनी हुई है.

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