तनातनी के बीच नेतन्याहू-ओबामा की मुलाक़ात

पूर्वी यरुशलम में बस्तियाँ बसाने की इसराइली योजना पर तनाव को देखते हुए इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा से मुलाक़ात की है.

दोनों नेताओं ने व्हाइट हाउस में मुलाक़ात की लेकिन मुलाक़ात के बाद दोनों में से किसी ने भी मीडिया से बातचीत नहीं की.

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि नेतन्याहू और ओबामा के बीच पहली मुलाक़ात लगभग 90 मिनट चली.

इस मुलाक़ात के बाद राष्ट्रपति ओबामा घर चले गए लेकिन इसराइली प्रधानमंत्री ने उनसे एक बार फिर मिलने की इच्छा जताई.

इसके बाद दोनों नेताओं ने लगभग 30 मिनट फिर साथ बिताए.

इस बातचीत की भी कोई जानकारी नहीं दी गई है.

तनातनी

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमूमन इसराइली नेताओं का व्हाइट हाउस में भारी स्वागत किया जाता है लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग सा है.

इसके पहलेअमरीका ने पूर्वी यरूशलम में नई बस्तियाँ बनाने के इसराइल के फ़ैसले की कड़ी आलोचना की थी.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से टेलिफ़ोन पर बात की थी और कहा था कि ये फ़ैसला अमरीका-इसराइल संबंधों के लिए नकारात्मक है.

विश्लेषकों का कहना है कि अमरीका की ओर से इसराइल के प्रति ऐसी कड़ी प्रतिक्रिया कभी-कभार ही की जाती है.

मध्य पूर्व शांति वार्ता के सभी मध्यस्थों अमरीका, रूस, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र- सभी ने इसराइल के यरुशलम में बस्तियाँ बसाने की कड़ी आलोचना की थी.

ग़ौरतलब है कि 1967 में पश्चिमी तट और पूर्वी यरूशलम पर नियंत्रण के बाद इसराइल 100 से ज़्यादा बस्तियों का निर्माण कर चुका है जिनमें क़रीब पाँच लाख यहूदी रहते हैं.

अंतरराष्ट्रीय क़ानून के मुताबिक़ ये निर्माण अवैध हैं, लेकिन इसराइल इसे सही मानता है.

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