सौ से ज़्यादा 'चरमपंथी' गिरफ़्तार

सऊदी अरब में अधिकारियों ने बताया है कि अल क़ायदा से जुड़े 100 से ज़्यादा संदिग्ध चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया गया है.

आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि तीन गुटों से संबंधित 58 साउदी अरब लोग और 55 विदेशी तेल संस्थानों और सुरक्षा बलों पर हमला करने की योजना बना रहे थे.

प्रवक्ता मंसूर अल तुर्की के मुताबिक इन गुटों का संबंध यमन के एक गुट से है जो अल क़ायदा से जुड़ा हुआ है.

विशेषज्ञों का कहना है कि यमन में अस्थिरता के माहौल का फायदा उठाते हुए अल क़ायदा ने वहाँ अपने ठिकाने बनाए हैं.

आंतरिक मामलों के प्रवक्ता ने बताया, “101 लोगों का बड़ा नेटवर्क है. इसमें यमन, सोमालिया, इरिट्रिया, बांग्लादेश और सऊदी अरब के लोग शामिल हैं. इन्हें सुरक्षाबलों को निशाना बनाने का ख़ास प्रशिक्षण दिया गया था. दो अन्य गुटों के 12 संदिग्ध लोगों को भी पकड़ा गया है. ये सब पूर्वी प्रांतों में तेल संस्थानों को निशाना बनाना चाहते थे और उनकी योजना तैयार थी. “

सुरक्षा बल निशाने पर

जानकारी के मुताबिक संदिग्धों से हथियार, कैमरे, दस्तावेज़ और कंप्यूटर छीने गए.

ये नहीं बताया गया है कि गिरफ़्तारियाँ कब की गईं या किन तेल संस्थानों को निशाना बनाया गया था.

प्रवक्ता मंसूर अल तुर्की ने कहा है कि अब तक की जांच से पता चला है कि ‘इस गुट और यमन में अल क़ायदा के बीच संपर्क हुआ था.’

अल क़ायदा से जुड़े इस गुट का गठन जनवरी 2009 में हुआ था. इसका नेतृत्व ओसामा बिन लादेन के एक पूर्व सहयोगी कर रहे हैं.

ये गुट तेल संस्थानों, विदेशियों और सुरक्षाबलों को अपना निशाना बनाना चाहता है ताकि यमन की सरकार और सऊदी अरब में राजशाही को हटा सके और इस्लामिक शासन लागू किया जा सके.

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