'यौन शोषण मामले में पोप ने नहीं उठाया क़दम'

  • 25 मार्च 2010
Image caption लॉरेंस मर्फ़ी पर आरोप है कि उन्होंने कनफ़ेशन बॉक्स में बच्चों का यौन शोषण किया

पोप बेनेडिक्ट सोलहवें पर आरोप लगाया गया है कि 90 के दशक में अमरीका में दो आर्चबिशपों ने जब बच्चों के यौन शोषण को लेकर एक पादरी की शिकायत की थी तो वर्तमान पोप ने कोई क़दम नहीं उठाया था.

ये आरोप यौन शोषण का शिकार हुए बच्चों के परिजनों ने लगाए हैं.

90 के दशक में पोप कार्डिनल जोसफ़ रैटज़िगर के नाम से जाने जाते थे और वे वैटिकन में उस विभाग की अध्यक्षता कर रहे थे जो यौन शोषण के मामलों से निपटता था.

न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि 90 के दौर में एक मामला पादरी लॉरेंस मर्फ़ी को लेकर उठा था. पादरी पर आरोप था कि उन्होंने 230 ऐसे बच्चों का यौन शोषण किया जो सुन नहीं सकते थे.

अख़बार के मुताबिक वर्तमान पोप और उस समय के कार्डिनल जोसफ़ रैटज़िगर ने इस मामले पर कोई क़दम नहीं उठाया था.

अख़बार में ये भी प्रकाशित किया गया है कि जब इस पादरी ने ख़राब सेहत की बात की तो कार्डिनल जोसफ़ रैटज़िगर के सहयोगी ने चर्च की सुनवाई रोक दी थी.

'दुखद घटना'

वैटिकन ने इस मामले को दुखद बताया है लेकिन साथ ही कहा कि मामले की लीपापोती करने की कोशिश नहीं की गई.

कई महीनों से ये आरोप लगते आ रहे हैं कि जर्मनी समेत यूरोप के कई देशों में कैथलिक पादरियों द्वारा यौन शोषण करने के मामलों को दबाया जा रहा है.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि 1996 में कार्डिनल रैटज़िंगर को दो बार निजी स्तर पर पत्र भेजे गए लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की.

गुरुवार को यौन शोषण का शिकार हुए कुछ लोगों ने वैटिकन के बाहर एक पत्रकार वार्ता के दौरान ये दस्तावेज़ दिखाए.

इन लोगों से जुड़े पीटर आईसले ने कहा, हम ये जानना चाहते हैं कि पोप ने पादरी लॉरेंस मर्फ़ी के बारे में हमें क्यों नहीं बताया, पुलिस को क्यों नहीं बताया, पोप ने उनकी आलोचना क्यों नहीं की.

पोप के आधिकारिक प्रवक्ता फ़ेडरिको लॉम्बार्डी ने इसे दुखद मामला बताया पर साथ ही कहा कि वैटिकन इस मामले में 1996 में जाकर जुड़ा जब अमरीकी अधिकारी मामले में आरोप गिरा चुके थे.

कुछ दिन पहले पोप बेनेडिक्ट ने आयरलैंड में कैथलिक पादरियों द्वारा बच्चों के यौन शोषण के मामले में पीड़ितों से 'माफ़ी' माँगी थी.

आयरलैंड में कैथलिक समुदाय के लोगों को एक पत्र में पोप ने कहा था कि पीड़ित और उनके परिवार चर्च को लेकर छले जाने का जो भाव महसूस कर रहे हैं उसे वे समझ सकते हैं.

पोप ने कहा था कि बच्चों के यौन शोषण के संबंध में पादरियों से ‘गंभीर ग़लतियाँ’ हुई हैं.

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