हथियारों की कटौती पर समझौता

परमाणु हथियार
Image caption अमरीका और रूस ने हथियार तैनात रखे हैं

महीनों तक चली बातचीत के बाद अमरीका और रूस परमाणु हथियार कम करने के समझौते पर सहमत हो गए हैं.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव के बीच फ़ोन पर हुई बातचीत के बाद समझौते पर आख़िरी सहमति हुई.

नया समझौता पिछले दिसंबर में ख़त्म हो चुके 1991 के सामरिक हथियार कटौती संधि की जगह लेगा. नए समझौते पर आठ अप्रैल को प्राग में हस्ताक्षर किए जाएँगे.

पिछले साल ही दोनों देश अपने हथियारों की कटौती पर सहमत हो गए थे, लेकिन जाँच-पड़ताल पर सहमति नहीं बन पाई थी.

पिछले साल प्राग में अपने भाषण में राष्ट्रपति ओबामा ने हथियारों के बग़ैर दुनिया के बारे में अपना दृष्टिकोण रखा था.

परमाणु हथियार

माना जाता है कि अमरीका ने 2000 से ज़्यादा सामरिक परमाणु हथियार तैनात रखे हैं जबकि रूस के पास ऐसे 2500 से ज़्यादा हथियार हैं.

नए समझौते के मुताबिक़ अब दोनों देश अधिकतम 1550 परमाणु हथियार तैनात रख सकते हैं.

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जेम्स रॉबिंस का कहना है कि अमरीका के लिए यह कटौती 25 फ़ीसदी और रूस के लिए 30 फ़ीसदी है.

इस समझौते के समय को भी काफ़ी अहम माना जा रहा है क्योंकि अगले महीने वॉशिंगटन में परमाणु सुरक्षा पर सम्मेलन होने जा रहा है.

साथ ही मई में भी एक महत्वपूर्ण बातचीत होने वाली है, जिसमें दुनियाभर में परमाणु हथियारों के प्रसार को सीमित करना एजेंडे पर है.

राष्ट्रपति ओबामा और मेदवेदेव ने उम्मीद जताई है कि नए समझौते से ख़ास तौर पर ईरान पर दबाव बढ़ेगा.

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