सत्रह भारतीयों को सज़ा-ए-मौत

यूएई
Image caption 17 भारतीयों पर एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या का आरोप था.

संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई की अदालत ने 17 भारतीयों को एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या के जुर्म में मौत की सज़ा सुनाई है.

कोर्ट ने ये फ़ैसला 2009 के एक मुक़दमे में सुनाया है. 17 भारतीयों पर आरोप था कि उन्होंने शराब के ग़ैर क़ानूनी कारोबार पर अपना क़ब्ज़ा जमाने के लिए एक झगड़े में एक पाकिस्तानी नागरिक की मार-मार कर हत्या कर दी थी.

यूएई में पहली बार अदालत की ओर से किसी एक मामले में इतने लोगों को मौत की सज़ा दी गई है.

वर्ष 2009 के जनवरी में शारजाह के अल-सजाह नामक स्थान पर भारतीयों और पाकिस्तानी नागरिकों के बीच ग़ैर क़ानूनी शाराब के धंधे को लेकर वर्चस्व की लड़ाई हुई थी.

लड़ाई

इस लड़ाई में पाकिस्तानी नागरिक पर लोहे की छड़ से हमला किया गया था. ये लोग वहां मज़दूरी करने गए थे.

यूएई के एक समाचार पत्र के अनुसार लड़ाई में तीन पाकिस्तानी नागरिक बुरी तरह ज़ख्मी भी हुए थे.

इस लड़ाई में क़रीब 50 लोग शामिल थे लेकिन 17 को ही मौत की सज़ा सुनाई गई है, क्योंकि वे लोग लड़ाई का नेतृत्व कर रहे थे.

यूएई में शराब बेचना ग़ैर क़ानूनी है, हांलाकि बार और रेस्तरां में शराब बिकती है, लेकिन इसके लिए विशेष अनुमति लेनी होती है.

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