आतंकवादियों के ख़ात्मे की प्रतिज्ञा

मॉस्को

रूस की राजधानी मॉस्को में मेट्रो पर हुए आत्मघाती हमलों में कम से कम 38 लोग मारे गए हैं और 70 घायल हैं.

अधिकारियों ने दावा किया है कि महिला आत्मघाती हमलावरों ने ये हमले किए.

मरने वालों में ट्रेन के यात्रियों के अलावा वे लोग भी थे, जो प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेन का इंतज़ार कर रहे थे.

अभी तक किसी संगठन ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. लेकिन रुसी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी के प्रमुख ने कहा है कि ये धमाके उत्तरी कॉकेशस के इस्लामिक विद्रोहियों का काम हो सकता है.

उत्तरी कॉकेशस में चेचन्या और इंगुशेतिया शामिल हैं. इन इलाक़ों के अलगाववादी वर्षों से आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

इन हमलों के बाद सर्बिया के दौरे पर गए रूस के प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन ने अपनी यात्रा बीच में ही छोड़कर मॉस्को लौट रहे हैं.

उन्होंने कहा है कि इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों की तलाश के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी और सज़ा दिलाई जाएगी. पुतिन ने कहा कि आतंकवादी नष्ट कर दिए जाएँगे.

धमाके

पहला धमाका स्थानीय समय के मुताबिक़ सुबह सात बजकर 56 मिनट पर हुआ. उस समय एक ट्रेन सेंट्रल लुब्यान्का स्टेशन पर खड़ी थी.

Image caption मॉस्को धमाके में 70 लोग घायल हुए हैं

ये मेट्रो स्टेशन ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी के कार्यालय के नीचे बना हुआ है. इस धमाके में 24 लोगों की मौत हो गई.

40 मिनट बाद दूसरा धमाका पार्क कुल्तुरी स्टेशन पर हुआ. इस धमाके में 14 लोग मारे गए.

आपातसेवा मामलों के मंत्राललय की प्रवक्ता इरिना एंड्रियानोवा ने बताया कि पहला धमाका इतना ज़बरदस्त था कि दो डब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. उस समय लुब्यान्का मेट्रो स्टेशन पर काफ़ी भीड़ थी.

एक प्रत्यक्षदर्शी एलेक्सी ने रूस के 24 टीवी चैनल को बताया, "मैं स्वचालित सीढ़ियों पर था और ऊपर की ओर जा रहा था, तभी मैंने ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनी. धमाके के कारण एक दरवाज़ा टूट पर गिर पड़ा. चारों ओर धुएँ का गुबार था. लोगों में अफ़रा-तफ़री मची थी और लोग एक-दूसरे पर गिर रहे थे."

पार्क कुल्तुरी स्टेशन पर हुए धमाके के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "मैं ट्रेन में ही था. लेकिन बीच के किसी डब्बे में. तभी पहले और दूसरे डब्बे में ज़ोरदार धमाका हुआ. लोग चीखने-चिल्लाने लगे."

राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव से मुलाक़ात के बाद एफ़एसबी के प्रमुख एलेक्ज़ेंडर बोर्तनिकोव ने कहा है कि उनके अधिकारियों को लगता है कि हमले में उत्तरी कॉकेशस के चरमपंथी गुटों का हाथ है.

संबंधित समाचार