यौन शोषितों की शिकायत पर चर्च की मुहर

रॉबर्ट सोलिच
Image caption जर्मन आर्चबिशप रॉबर्ट सोलिच ने खेद जताया

जर्मनी में रोमन कैथोलिक चर्च के प्रमुख ने स्वीकार किया है कि बीते दिनों में पादरियों के यौन शोषण का शिकार बने लोगों की सहायता के लिए चर्च ने ज़्यादा कुछ नहीं किया.

गुड फ़्राइडे ईसा मसीह को सलीब पर टाँगे जाने के दिन के रूप में याद किया जाता है.

इस अवसर पर अपने संदेश में आर्चबिशप रॉबर्ट सोलिच ने कहा कि उन्हें उम्मीद है ईसाई कैलेंडर का ये सबसे पवित्र दिन कैथोलिक चर्च के लिए एक नई शुरुआत का दिन होगा.

उन्होंने कहा कि चर्च ने संभवत: अपना नाम ख़राब होने के डर से पीड़ितों की मदद नहीं की. उन्होंने कहा कि बीते काल की ग़लतियों के लिए कैथोलिक हमेशा शर्मसार रहेंगे.

उल्लेखनीय है पिछले तीन महीनों जर्मनी में ढाई सौ से ज़्यादा लोगों ने खुल कर शिकायत की है कि 1950 के दशक से लेकर पिछले दशक तक की अवधि में पादरियों ने उनका यौन शोषण किया था.

विशेष प्रार्थनाएँ

शुक्रवार को पूरे जर्मनी के गिरजाघरों में चर्च पदाधिकारियों के हाथों यौन शोषण का शिकार बने लोगों के लिए विशेष प्रार्थना सभाएँ आयोजित की गईं.

श्रद्धालुओं के विश्वास को क़ायम रखने के लिए चर्च ने मंगलवार को पादरियों के हाथों यौन शोषण का शिकार बने लोगों के लिए एक विशेष हॉटलाइन की शुरुआत की थी. ख़बरों के अनुसार शुरू के कुछ घंटों में हॉटलाइन पर 4000 से ज़्यादा लोगों ने संपर्क किया.

सर्वोच्च कैथोलिक धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट पर भी आरोप है कि म्यूनिख़ का आर्चबिशप रहने के दौरान उन्होंने यौन शोषण की शिकायतों की न तो पूरी पड़ताल कराई और न ही आरोपों से घिरे पादरियों पर कोई कार्रवाई की.

पोप ने अपनी जन्मभूमि में एक बड़े मुद्दे का रूप ले चुके चर्च यौन कांड पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.

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