ईरान मुद्दे पर अमरीका की चीन से अपील

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption अमरीका ईरान पर प्रतिबंधों के विषय पर चीन का सहयोग चाहता है

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ से फ़ोन पर बात कर अपील की है कि ईरान के परमाणु मुद्दे पर अमरीका और चीन को मिलकर काम करना चाहिए.

व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति ओबामा ने चीन के राष्ट्रपति से लगभग एक घंटे तक फ़ोन पर बातचीत की और इस बात पर ज़ोर दिया है कि ईरान को अपने दायित्वों का पालन करना चाहिए. चीन ईरान पर प्रतिबंध लगाने का विरोध करता रहा है.

दूसरी ओर बीजिंग में मौजूद ईरान के प्रमुख परमाणु वार्ताकार सईद जलीली का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के कारण ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों नहीं रोकेगा.

अमरीका का कहना है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन का काम काफ़ी आगे बढ़ा लिया है. जबकि ईरान इस बात का खंडन करता रहा है कि वो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है.

चीन का विरोध

अमरीका और अन्य देश चाहते हैं कि ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र नए प्रतिबंध लगाए लेकिन चीन इसका विरोध कर रहा है.

दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद चीन ने कहा है कि हू जिंताओ ने अमरीका से 'अच्छे और स्थिर' संबंधों की वकालत की है.

इससे पहले चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने कहा था कि वो इस महीने वॉशिंगटन में परमाणु सुरक्षा के मुद्दे पर होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

ग़ौरतलब है कि बुधवार को राष्ट्रपति ओबामा ने फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी से बात की थी और उसके बाद कहा था कि वो चाहते हैं कि ईरान को परमाणु हथियारों को बनाने से रोकने के लिए महीनों के बजाए कुछ ही हफ़्तों में नए प्रतिबंध लगाए जाएं.

ओबामा और हू जिंताओ के बीच ईरान के परमाणु मुद्दे के अलावा ताइवान के मुद्दे पर और आर्थिक प्रगति को तेज़ी देने के लिए जी-20 समझौतों को लागू करने की अहमियत पर भी चर्चा हुई.

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