चर्च, पोप पर हमले की तुलना 'सामूहिक नरसंहार' से

पादरी केंटालामेसा
Image caption पोप के समर्थन में उनके निजी उपदेशक की टिप्पणी से कई लोग हतप्रभ हैं.

पादरियों द्वारा यौनशोषण के मामले में उपजा विवाद अब और पेचीदा होता नज़र आ रहा है. स्थिति यह है कि एक तरह से जर्मन कैथौलिक चर्च और वेटिकन इस मुद्दे पर आमने-सामने नज़र आ रहे हैं.

जर्मनी में रोमन कैथोलिक चर्च के प्रमुख ने स्वीकार किया है कि बीते दिनों में पादरियों के यौन शोषण का शिकार बने लोगों की सहायता के लिए चर्च ने ज़्यादा कुछ नहीं किया.

पर वेटिकन से पोप बेनेडिक्ट के एक निजी उपदेशक ने जर्मन चर्च की इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है. यहाँ तक कि पादरी केंटालामेसा ने चर्च और पोप पर हो रहे हमलों की तुलना यहूदियों के ख़िलाफ़ हुए सामूहिक नरसंहार से कर डाली.

इस टिप्पणी की कई मंचों से कड़ी आलोचना हो रही है. जहाँ जर्मनी से यहूदियों के केंद्रीय परिषद ने इस टिप्पणी को आक्रामक बताया है वहीं यौन शोषण के शिकार लोगों के एक अमरीकी समूह ने उपदेश के दौरान की गई ऐसी टिप्पणियों को ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बताया है.

हालांकि बाद में वेटिकन ने कहा है कि पादरी केंटालामेसा के विचार उनके निजी विचार हैं और इसे वेटिकन का औपचारिक बयान नहीं माना जाना चाहिए.

विवाद

उल्लेखनीय है पिछले तीन महीनों में जर्मनी में ढाई सौ से ज़्यादा लोगों ने खुलकर शिकायत की है कि 1950 के दशक से लेकर पिछले दशक तक की अवधि में पादरियों ने उनका यौन शोषण किया था.

सर्वोच्च कैथोलिक धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट पर भी आरोप है कि म्यूनिख़ का आर्चबिशप रहने के दौरान उन्होंने यौन शोषण की शिकायतों की न तो पूरी पड़ताल कराई और न ही आरोपों से घिरे पादरियों पर कोई कार्रवाई की.

पोप ने अपनी जन्मभूमि में एक बड़े मुद्दे का रूप ले चुके चर्च यौन कांड पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.

शुक्रवार को गुड फ़्राइडे के अवसर पर अपने संदेश में आर्चबिशप रॉबर्ट सोलिच ने कहा कि चर्च ने संभवत: अपना नाम ख़राब होने के डर से पीड़ितों की मदद नहीं की. उन्होंने कहा कि बीते काल की ग़लतियों के लिए कैथोलिक हमेशा शर्मसार रहेंगे.

लेकिन शुक्रवार को ही रोम से गुड फ्राइडे पर धार्मिक संदेश के दौरान पोप के निजी उपदेशक की टिप्पणियों ने कई लोगों को हतप्रभ किया.

शुक्रवार को पूरे जर्मनी के गिरजाघरों में चर्च पदाधिकारियों के हाथों यौन शोषण का शिकार बने लोगों के लिए विशेष प्रार्थना सभाएँ आयोजित की गई थीं.

श्रद्धालुओं के विश्वास को क़ायम रखने के लिए चर्च ने मंगलवार को पादरियों के हाथों यौन शोषण का शिकार बने लोगों के लिए एक विशेष हॉटलाइन की शुरुआत की थी. ख़बरों के अनुसार शुरू के कुछ घंटों में हॉटलाइन पर 4000 से ज़्यादा लोगों ने संपर्क किया.

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