चुंबन लेने वाले दंपत्ति की अपील ख़ारिज

  • 4 अप्रैल 2010
दुबई में पर्यटक
Image caption दुबई में विदेशियों को पहले भी यौन आचरण संबंधी कानूनों का सामना करना पड़ा है

दुबई में एक अपीलीय कोर्ट ने सार्वजनिक तौर पर चुंबन लेने के बाद जेल भेजे गए ब्रितानी दंपत्ति की अपील ख़ारिज कर दी है.

ब्रितानी दंपत्ति अयमन नजाफ़ी (24 वर्ष) और शैरोलेट एडम्स (25 वर्ष) को एक महीने तक जेल में रहने और फिर देश छोड़ने की सज़ा सुनाई गई थी.

शऱाब पीने के लिए उन पर 200 पौंड का जुर्माना भी ठोंका गया था.

इस दंपत्ति को पिछले साल नवंबर में एक रेस्तरां में एक दूसरे के होंठों पर चुंबन लेने के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया.

एक महिला ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने देश में नैतिकता संबंधित कठोर क़ानूनों का उल्लंघन किया है.

इस जोड़े ने कहा कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ एक दूसरी अपील दायर करेंगे.

ब्रितानी दंपत्ति ने सज़ा पर तुरंत अमल नहीं शुरू करने का फैसला किया.

लेकिन दुबई के अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है जिससे वे ब्रिटेन वापस नहीं लौट सकते.

बेटी ने चुंबन लेते हुए देखा

शिकायत दर्ज कराने वाली 38 वर्षीया महिला ने कहा कि जूमेयरा बीच रेजिडेंस में दंपत्ति के व्यवहार से उसे आघात पहुंचा.

इस रेस्तरां में यह महिला अपनी बेटी के साथ रात का भोजन कर रही थी.

बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि इस महिला ने ब्रितानी दंपत्ति को चुंबन लेते हुए ख़ुद नहीं देखा था. बल्कि उसकी दो साल की बेटी ने बताया कि उसने दंपत्ति को चुंबन लेते हुए देखा.

यह महिला ख़ुद कोर्ट में उपस्थित भी नहीं हुई थी.

बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि उन्होंने एक दूसरे को सिर्फ़ गालों पर ही चुंबन ही लिया है. इसलिए उन्होंने किसी क़ानून का उल्लंघन नहीं किया.

कोर्ट में मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ जज़ ने पहले की सज़ा को बहाल करते हुए उनकी अपील तुरंत ख़ारिज कर दी.

बचाव पक्ष के वकील पर यह काम छोड़ दिया गया कि वे इस फ़ैसले की व्याख्या ब्रिटिश दंपत्ति को बताए.

नैतिकता संबंधी कठोर नियम

इस्लामी क़ानूनों के विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर जॉन स्ट्रासन ने बीबीसी को बताया कि जज़ के फ़ैसले को सुनकर उन्हें आश्चर्य नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा, "इस मामले में एक ख़ास मुश्किल यह है कि एक ब्रितानी नागरिक मुसलमान है. चुंबन का आरोप और साथ में किसी अनैतिक जगह शराब पीने का मतलब था कि अधिकारी सचमुच ही इस मामले पर सज़ा दिलाने को इच्छुक थे."

प्रोफेसर स्ट्रासन ने कहा कि कई बार दुबई के अधिकारी विदेशियों के व्यवहार पर आंखें मूंद लेते हैं. इसकी वजह पर्यटकों से होने वाली बड़ी आमदनी है.

लेकिन उन्होंने कहा कि दुबई सरकार ने नियमों को कठोर बनाने के लिए नए स्पष्टीकरण जारी किए हैं.

दुबई में नैतिकता संबंधी कठोर नियमों का उल्लंघन किए जाने का सबसे नया मामला है.

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