परमाणु नीति में अहम बदलाव

Image caption ओबामा ने नई नीति में कुछ देशों को अपवाद की श्रेणी में रखा है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अगले कुछ समय में अपने देश की परमाणु नीति में अहम बदलाव की घोषणा करने वाले हैं.

इसके तहत अमरीका पर जैविक, रासायनिक या परंपरागत हथियारों से हमला होने पर जवाब में परमाणु हमला करने के विकल्प को समाप्त किया जाएगा.

साथ ही अमरीका ग़ैर परमाणु शक्ति संपन्न देशों के ख़िलाफ़ किसी सूरत में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा.

हालाँकि राष्ट्रपति ओबामा ने अपवाद के रुप में कुछ देशों को रखा है जिनके लिए बदली हुई रणनीति लागू नहीं होगी. उन्होंने खुल कर ऐसे देशों में ईरान और उत्तर कोरिया का नाम लिया.

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की नीति में बड़े बदलाव की घोषणा से पूर्व न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ओबामा ने कहा कि उन्हें पूरी तरह पता है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के रास्ते पर है.

नई कोशिश

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी नई नीति दुनिया भर में परमाणु हथियारों को ख़त्म करने और परमाणु महत्वाकांक्षा छोड़ने वाले देशों को सुविधाएँ देने की कोशिश का हिस्सा है.

नई रणनीति को 'द न्यूक्लियर पोस्चर रिव्यू' के तहत मंगलवार को जारी किया जाएगा.

इसी हफ़्ते गुरुवार को पराग्वे में ओबामा और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव परमाणु हथियार कटौती समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं.

यह समझौता वर्ष 1991 में हुए रणनीतिक हथियार कटौती संधि की जगह लेगा.

अमरीका का कहना है कि इसके तहत दोनों देश परमाणु हथियारों की सीमा 1550 तक सीमित रखेंगे जो मौजूदा संख्या से तीस फ़ीसदी कम है.

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