ब्रिटेन में बजा चुनावी बिगुल

Image caption गॉर्डन ब्राउन भारी दबाव में हैं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने देश में आम चुनाव की घोषणा कर दी है, ब्रिटेन में संसदीय चुनाव छह मई को होंगे.

अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ चुनाव की तारीख़ की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी लेबर पार्टी "कम आमदनी वाले परिवारों" के हितों की रक्षा के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है.

प्रमुख विपक्षी कज़रवेटिव पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार डेविड कैमरून ने कहा कि उनकी पार्टी के पास देश के लिए 'बिग आइडियाज़' हैं जबकि दूसरे विपक्षी दल लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता निक क्लेग ने कहा कि उनकी पार्टी ही 'असली बदलाव' ला सकती है.

माना जा रहा है कि इस बार देश की अर्थव्यवस्था, कर प्रणाली और जनसेवाएँ मुख्य चुनावी मुद्दा होंगे.

बकिंघम पैलेस में महारानी से 20 मिनट की मुलाक़ात के बाद प्रधानमंत्री निवास से चुनाव की घोषणा करते हुए कहा,"आर्थिक मंदी के बाद हालत सुधर रही है और ऐसा कुछ नहीं किया जाना चाहिए जिससे वह प्रक्रिया रुक जाएगी."

गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि उनके सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ हैं, मंदी से पूरी तरह उबरना, आर्थिक घाटे को कम करना औऱ स्वास्थ्य-शिक्षा जैसी प्रमुख जन सेवाओं को बरकरार रखना.

दूसरी तरफ़ डेविड कैमरून ने कहा कि उनकी पार्टी "आशा, विश्वास और बदलाव" की दिशा में एक नई शुरूआत का नारा देगी.

कैमरून ने कहा कि उनके कार्यकर्ता लोगों से यही कहने वाले हैं कि "बर्बादी का ये रास्ता छोड़कर समृद्धि और प्रगति के रास्ते पर आइए."

ब्रिटेन के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि तीनों पार्टियों के प्रधानमंत्री पद के दावेदार टीवी पर लाइव प्रसारित किए जाने वाले बहस में हिस्सा लेंगे.

प्रधानमंत्री पद के तीनों दावेदारों के लिए यह पहला आम चुनाव है, 2005 के आम चुनाव में गॉर्डन ब्राउन, डेविड कैमरून और निक क्लेग तीनों में से कोई भी पार्टी का मुख्य नेता नहीं था.

लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के निक क्लेग का कहना है कि इस बार यह 'दो घोड़ों की रेस नहीं है' उनका मानना है कि उनकी पार्टी की अहम भूमिका होगी.

ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि इस बार त्रिशंकु संसद सामने आ सकती है, संसद के निचल सदन हाउस ऑफ़ कॉमन्स की कुल 650 सीटों के लिए ज़ोरदार और दिलचस्प मुक़ाबला होने की संभावना दिख रही है.

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