बिना सहमति के निकाले अंग

  • 11 अप्रैल 2010
Image caption अब इस मामले की जाँच की जा रही है.

ब्रिटेन में कई लोगों के मरने के बाद अंगदान के नाम पर उनके ऐसे अंग निकाल लिए गए जिसके लिए जीवित रहते उस व्यक्ति ने सहमति नहीं दी थी.

ऐसा राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण यानी एनएचएस की ग़लती से हुआ है जो दानदाताओं की सूची बना कर रखता है.

अभी इस सूची में आठ लाख लोगों के नाम है जो मरने के बाद अंगदान की इच्छा जता चुके हैं.

लेकिन वर्ष 1999 में कंप्यूटर में तकनीकी गड़बड़ी से ये पता लगाना मुश्किल हो गया कि अमुक व्यक्ति ने किस अंग के दान की इच्छा जताई है.

इस बीच सूची में शामिल कम से कम 45 लोगों का निधन हुआ और इनमें से कम से कम बीस लोगों के ऐसे अंग निकाल लिए गए जिसके लिए उन लोगों ने सहमति नहीं दी थी.

जाँच

मृत्यु के बाद जब डॉक्टरों ने उनके परिजनों से कहा कि उनके रिश्तेदार ने अंगदान की इच्छा जताई थी तो उन्होंने आपत्ति भी नहीं की.

कई दानदाताओं ने नेत्रदान की इच्छा जताई थी जबकि उनका कोई और अंग निकाल लिया गया.

गड़बड़ी का पता पिछले साल लगा जब एनएचएस ने दानदाताओं को पत्र लिख कर जानना चाहा कि जिस अंग के दान का ज़िक्र डाटा में है क्या उन्होंने उसी अंग के दान की इच्छा जताई है.

लेकिन कई लोगों ने ना में जवाब दिया और तब पता चला कि डाटा में गड़बड़ी है.

अब एनएचएस ने कहा है कि वह इस मामले की आपात जाँच करवा रहा है.