पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे पर बात

मनमोहन सिंह और ओबामा

अमरीका दौरे पर गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाक़ात की.

दोनों नेताओं ने पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी नीति के साथ-साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव निरुपमा राव और अमरीका में भारत की राजदूत मीरा शंकर भी मौजूद थी.

जबकि अमरीकी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन, व्हाइट हाउस चीफ़ ऑफ़ स्टॉफ़ आर एमानुएल और राजनीतिक मामलों के विदेश उप मंत्री विलियम बर्न्स शामिल थे.

पिछले पाँच महीने में दूसरी बार मनमोहन सिंह और बराक ओबामा की मुलाक़ात हुई है. रविवार को ब्लेयर हाउस में दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई.

मुद्दा

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान को अमरीका की ओर से मिलने वाली सैन्य सहायता का मुद्दा उठाया.

भारत हमेशा ये कहता रहा है कि पाकिस्तान अमरीकी की ओर से मिलने वाली सैनिक और वित्तीय सहायता का इस्तेमाल भारतीय हितों के ख़िलाफ़ करता है.

माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर भी बातचीत की. कुछ महीने पहले ही राष्ट्रपति ओबामा ने अफ़ग़ानिस्तान में नई रणनीति की घोषणा की थी, जिसके तहत अमरीका वहाँ 30 हज़ार और सैनिक भेजेगा.

ये भी संभावना जताई जा रही है कि विवादित परमाणु जवाबदेही विधेयक का मुद्दा भी बातचीत के दौरान उठा. भारत में इस विधेयक का कई राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बैठक में उम्मीद जताई है कि ये विधेयक जल्द से जल्द पास हो जाएगा. उन्होंने राष्ट्रपति ओबामा को बताया कि ये विधेयक लोकतांत्रिक प्रक्रिया से गुज़र रहा है.

दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते पर प्रगति के बारे में भी चर्चा हुई.

भारत ने अफ़ग़ानिस्तान का मुद्दा भी उठाया और मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत अफ़ग़ानिस्तान में अपनी भूमिका निभाता रहेगा.

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