ओबामा ने दी परमाणु आतंकवाद की चेतावनी

Image caption ओबामा ने परमाणु पदार्थ सुरक्षित रखने पर ज़ोर दिया.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि किसी आतंकवादी संगठन के हाथों में परमाणु हथियार पहुँचने की आशंका उनके देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है.

वॉशिंगटन में परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन शुरु होने से पहले उन्होंने कहा कि सम्मेलन में शामिल सभी चालीस देशों को ये कोशिश करनी चाहिए कि परमाणु पदार्थों को कैसे सुरक्षित रखा जाए.

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर परमाणु हथियार अल क़ायदा जैसे संगठनों के पास पहुँच गए तो वे इसके इस्तेमाल से नहीं हिचकेंगे.

इस सम्मेलन में उत्तर कोरिया और ईरान को आमंत्रित नहीं किया गया है. अमरीका इन दोनों देशों पर गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित करने का आरोप लगाता रहा है.

अमरीका का कहना है कि उत्तर कोरिया और ईरान परमाणु अप्रसार समझौते का उल्लंघन करते हैं.

सीरिया को भी निमंत्रण नहीं भेजा गया क्योंकि अमरीका के मुताबिक वह भी परमाणु हथियार हासिल करने की ख्वाहिश रखता है.

हालाँकि भारत, पाकिस्तान, चीन समेत चालीस अहम देशों के बड़े नेता इस सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुँचे हैं.

परमाणु आतंकवाद

बराक ओबामा ने सम्मेलन शुरु होने से पहले कहा, "अमरीकी सुरक्षा को अभी, अगले कुछ समय में या दीर्घावधि में अगर किसी एक चीज़ से सबसे ज़्यादा ख़तरा है तो वह है कि किसी आतंकवादी संगठन का परमाणु हथियार हासिल कर लेना."

उनका कहना था, "ये ऐसा ख़तरा है जो आने वाले वर्षों में इस देश और पूरी दुनिया के सुरक्षा ढाँचे को बदल कर रख देगा."

ओबामा कहते हैं, "अगर कभी न्यूयॉर्क या लंदन या जोहान्सबर्ग में बम फटा तो आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा के ख़याल से इसके नतीजे भयावह होंगे."

उन्होंने परमाणु महत्वाकांक्षा त्यागने वाला पहला देश बनने के लिए दक्षिण अफ़्रीका की सराहना की.

इसराइल का प्रतिनिधित्व इस सम्मेलन में वहां के उप प्रधानमंत्री कर रहे हैं. इसराइली सरकार को चिंता है कि बैठक के दौरान कहीं तुर्की और मिस्र उसके परमाणु हथियारों का मुद्दा न उठा दे.

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