'ग़लत हाथों में गई परमाणु सामग्री तो होगा अनर्थ'

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है अगर अल क़ायदा जैसे गुट परमाणु हथियार हासिल करने में सफल हो गए तो अनर्थ हो जाएगा.

उन्होंने ये बात वाशिंगटन में चल रहे परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में कही.

भारत समेत करीब 47 देश इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं और मनमोहन सिंह इसमें भाग लेने के लिए वाशिंगटन में हैं.

सम्मेलन की शुरुआत करते हुए बराक ओबामा ने कहा, "शीत युद्ध ख़त्म होने के दो दशक बाद अब दो देशों के बीच परमाणु हथियारों को लेकर तनातनी की आशंका कम हो गई है लेकिन परमाणु हमले का ख़तरा बढ़ गया है."

उनका कहना था, "अल क़ायदा जैसे चरमपंथी संगठन कोशिश कर चुके हैं कि वे परमाणु हथियार बनाने के लिए सामग्री जुटा सकें. अगर ये सामान कभी उनके हाथ लग गया तो वे ज़रूर इसका इस्तेमाल करेंगें."

ओबामा ने गुहार लगाई कि सभी देश अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के हाथ मज़बूत करें और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाएँ.

चुनौतियाँ

बीबीसी में कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जॉनथन मार्कस का कहना है कि ये चेतावनी ओबामा ने इसलिए दी है ताकि सभी देश इस मामले की गंभीरता को समझ सकें.

ओबामा का मकसद है कि परमाणु सामग्री की सुरक्षा के मसले को अंतरराष्ट्रीय एजेंडा के शीर्ष पर लाना और किसी कार्ययोजना पर सहमति बनाना. इसमें अन्य देशों की ये पहल भी शामिल है कि वो परमाणु सामग्री की सुरक्षा बढ़ाएँ या ये सामग्री किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित कर दें.

यूक्रेन ने कहा है कि वो अमरीका की मदद से ऐसा करेगा.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस सम्मेलन में सर्वसम्मति बना पाना लगभग तय माना जा रहा है. लेकिन समस्या होगी इन वायदों को अमली जामा पहनाना.

ओबामा ने घोषणा की है कि अगला परमाणु सम्मेलन दो साल के अंदर दक्षिण कोरिया में होगा.

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