चीन भूकंप: मलबे में जीवित लोगों की तलाश

चीन के चिंघाई प्रांत में आए भूकंप के बात लोगों ने रात खुले मैदान में बिताई.

बुधवार को आए इस भूकंप में लगभग 600 लोगों की जान गई है और हज़ारों लोग घायल हुए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि इस भूकंप में 619 लोगों की मौत हो गई और 9980 लोग घायल हुए हैं.

चीन की वायु सेना भूकंप प्रभावित इलाक़े में बचाव और राहत दलों को पहुँचा रही है.

बचाव दल में मलबे से लोगों को निकालने के लिए इंजीनियर, डॉक्टर और खोजी कुत्ते शामिल हैं. अब सारा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को निकालने पर है.

चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने कहा है कि लोगों की जान बचाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे.

अधिकारियों का कहना है कि जिएगु शहर मे 85 फ़ीसदी इमारतें तबाह हो गईं हैं.

सरकारी टीवी में इस शहर की एक के बाद गलियों में तबाही के आलम को दिखाया गया.

भारी तबाही

युशु में अनेक स्कूल तबाह हो गए जिनमें कम से कम 56 छात्र मारे गए.

Image caption भूकंप प्रभावित इलाक़े में व्यापक राहत और बचाव अभियान छेड़ा गया है

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चिंघाई में अब भी राहत सामग्री नहीं पहुँची है और इसे पहुँचने में अभी वक्त लगेगा.

संवाददाता का कहना है कि सेना और मेडिकल टीम को वहां तक पहुँचाने में दिक्कतें आ रही है क्योंकि कई जगह सड़कों पर मलबा पड़ा है, साथ ही पर्वतीय इलाक़ा होने के कारण रास्ता दुर्गम है.

तिब्बत की सीमा से सटे इस इलाक़े में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.9 आँकी गई थी.

जिस समय भूकंप आया उस समय ज़्यादातर लोग सोए हुए थे और उन्हें संभलने का मौक़ा नहीं मिल सका.

अमरीकी भूगर्भ सर्वेक्षण के मुताबिक भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह लगभग पाँच बजे आए भूकंप का केंद्र ज़मीन के दस किलोमीटर नीचे था.

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