भूकंप से मरने वालों की संख्या 1100 के पार

चीन में कुछ दिन पहले चिंघाई इलाक़े में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1144 हो गई है.

राहत कार्य में लगे विभाग के प्रवक्ता ने शिन्हुआ एजेंसी को बताया है कि कुछ दुर्गम इलाक़ों में 147 लोग अब भी लापता हैं और 11 हज़ार 744 लोग घायल हुए हैं.

हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं और उन्हें बाहर सर्दी में रात बितानी पड़ रही है.

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने कहा है कि इलाक़े के पुनर्निमाण में हर मुमकिन मदद की जाएगी.

दुर्गम इलाक़े में राहत कार्य के लिए सड़क मार्ग के ज़रिए उपकरण आने शुरु हो गए हैं.

टेंट, खाने पीने का सामान और दवाईयाँ भी पहुँच रही हैं लेकिन राहतकर्मियों का कहना है कि इन चीज़ों की अधिक मात्रा में सख़्त ज़रूरत है.

भिक्षु कर रहे हैं मदद

युशु काउंटी में करीब पंद्रह हज़ार घर नष्ट हो गए हैं. सैनिक, राहतकर्मी और बौद्ध भिक्षु मलबे से लोगों को ढूँढने के लिए कुल्हाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

युशु करीब 13 हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर है और वहाँ बेहद ठंड है. यहाँ की 97 फ़ीसदी आबादी जनजातीय तिब्बती मूल की है और सरकारी मीडिया के मुताबिक 500 दुभाषियों को मदद के लिए भेजा जा रहा है.

लोगों की मदद के लिए आए भिक्षु दानचुजियासी ने कहा, किसी की ज़िंदगी हमारे लिए बहुत अहम है. हम लोगों की मदद करने आए हैं. बहुत सारे लोग मारे गए हैं.

वहीं युशु काउंटी में एक शिक्षक ने बताया कि वे और स्कूल के दूसरे लोग मिलकर छात्रों को मलबे से ख़ुद ही बिना किसी मदद के निकाल रहे हैं. उनका कहना था, "हमारे पास कोई औज़ार नहीं थे, हम बड़ी चट्टानों को नहीं हिला सकते थे, हमने रस्सी ली और बच्चों को निकाला. अब तक पांच बच्चों को निकाल चुके है जिनमें से तीन ज़िंदा हैं."

भिक्षु शवों को इकट्ठा करने की कोशिश भी कर रहे हैं ताकि दाह संस्कार किया जा सके. एक भिक्षु ने बताया कि अब हज़ार से ज़्यादा शवों को वे इकट्ठा कर चुके हैं.

भूकंप बुधवार सुबह आया था जिसके बाद कई लोग मारे गए, बिजली और फ़ोन लाइनें ठप्प पड़ गईं, भूस्खलन आए और सड़क मार्ग बाधित हो गए.

भूकंप में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार करने की तैयारी चल रही है ताकि कोई बीमारी न फैल सके.

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