हज़ारों उड़ानें रद्द, हवाई अड्डों पर अफ़रा-तफ़री

  • 16 अप्रैल 2010

आइसलैंड में एक ज्वालामुखी फटने के कारण उड़ रही राख ने यूरोप में हवाई सेवा को बुरी तरह प्रभावित किया है. हज़ारों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं और हवाई अड्डों पर अफ़रा-तफ़री का माहौल है.

शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन यूरोप के हवाई अड्डों पर अफ़रा-तफ़री मची हुई है क्योंकि गुरुवार को 5000 उड़ानों के रद्द कर दिए जाने के बाद शुक्रवार को भी इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

आयरलैंड से लेकर फ़िनलैंड तक हवाई अड्डे और उड़ान रूट बंद कर दिए गए हैं जिसके कारण केवल यूरोप ही नहीं बल्कि अमरीका, कनाडा और एशिया जाने वाले लाखों यात्री दिक्कत का सामना कर रहे हैं.

यूरोप में एयर ट्रैफ़िक अधिकारियों का कहना है कि सप्ताह के अंत तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है.

एयर लाइंस की चिंता ये है कि राख विमानों के इंजनों को जाम कर सकती है. एक विमान दुर्घटना में मारे गए पोलैंड के पूर्व राष्ट्रपति लेख काझेंस्की की अंतिम विदाई रविवार को है और आशंका है कि कई देशों के नेता इसी कारण से इसमें शामिल नहीं हो पाएँगे.

ब्रिटेन में हीथ्रो और अन्य हवाई अड्डों से शुक्रवार ग्रीनिच मान समयानुसार 1300 तक विमानों के उड़ान भरने पर पाबंदी लगाई गई थी जिसे अब 1900 जीएमटी तक बढ़ा दिया गया है.

ब्रिटेन, आयरलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ़िनलैंड, बेल्जियम और नीदरलैंड्स ने गुरुवार को उड़ानें बंद कर दी थीं, जबकि उत्तरी फ़्रांस में 24 हवाई अड्डे बंद किए गए और जर्मनी के बर्लिन और हैमबर्ग हवाई अड्डे भी बंद थे.

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