अमरीका की छवि में सुधार

  • 19 अप्रैल 2010
ओबामा
Image caption माना जा रहा है कि राष्ट्रपति ओबामा के कारण अमरीका की छवि में सुधार हुआ है.

बीबीसी के एक सर्वेक्षण के अनुसार पूरी दुनिया में अमरीका की छवि में काफ़ी सुधार हुआ है.

बीबीसी ने 2005 से यह वार्षिक सर्वेक्षण करना शुरु किया था और उसके बाद पहली बार अमरीका की छवि नकारात्मक कम और सकारात्मक अधिक दिखी है.

इससे पहले 2009 में जर्मनी को सबसे सकारात्मक प्रभाव वाला और पाकिस्तान को सबसे नकारात्मक प्रभाव वाला देश माना गया था.

इस सर्वेक्षण के दौरान नवंबर 2009 से फरवरी 2010 तक 28 देशों के क़रीब तीस हज़ार लोगों से बातचीत की गई है.

इनमें से 14 देशों ( जिसमें अमरीका शामिल नहीं) के लोगों के विचार अमरीका के प्रति सकारात्मक विचार 2005 38 प्रतिशत थे जो 2007 में गिरकर 28 प्रतिशत हो गए. 2009 में इन्हीं देशों में अमरीका के प्रति सकारात्मक विचार 35 प्रतिशत और इस वर्ष यानी 2010 में यह 40 प्रतिशत तक पहुंच गया.

दूसरी तरफ अन्य 14 देशों में चीन के प्रति सकारात्मक विचारों में कमी आई है. 2005 में जहां चीन के प्रति सकारात्मक विचार 49 प्रतिशत थे वो अब घटकर 34 प्रतिशत पर आ गए हैं.

यह सर्वेक्षण यूनिवर्सिटीव ऑफ मैरीलैंड में प्रोग्राम ऑन इंटरनेशनल पॉलिसी एटीट्यूड ( पीपा)ने ग्लोबस्कैन के साथ मिल कर किया है.

ग्लोबस्कैन के चेयरमैन डग मिलर कहते हैं, ‘‘ इराक़ युद्ध के बाद अब कहीं जाकर दुनिया में लोग अमरीका को सकारात्मक दृष्टि से देख रहे हैं.’’

हालांकि अभी भी सकारात्मक प्रभाव के मामले में ब्रिटेन और जर्मनी अमरीका से कहीं ऊपर हैं लेकिन साफ है कि अमरीका की छवि धीरे धीरे सुधर रही है.

पीपा के निदेशक स्टीवन कल मानते हैं कि एक वर्ष के बाद राष्ट्रपति ओबामा का प्रभाव काम कर रहा है.

वो कहते हैं, ‘‘ दुनिया भर में लोगों के विचारों पर उनका प्रभाव है जो मूलत अमरीका के प्रति नकारात्मकता को कम करना है. अभी सकारात्मक छवि के लिए ज़ोरदार काम करना बाकी है.’’

इस वर्ष जिन 28 देशों में सर्वे हुआ उसमें से 19 देशों में अमरीका की छवि सकारात्मक पाई गई जबकि छह देशों में नकारात्मक और दो देश ऐसे थे जहां इस मामले में विचार बंटे हुए थे.

तुर्की और पाकिस्तान में 50 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अमरीका को नकारात्मक बताया जबकि स्पेन में अमरीका की नकारात्मक छवि में 23 प्रतिशत की कमी हुई.

जर्मनी को सबसे अधिक सकारात्मक माना गया जबकि दूसरे नंबर पर जापान, तीसरे पर ब्रिटेन, चौथे पर कनाडा और पांचवे पर फ्रांस रहा. छठे पर यूरोपीय संघ था.

सबसे नकारात्मक प्रभाव वाले देशों में ईरान का नाम सबसे ऊपर था जबकि उसके बाद पाकिस्तान, उत्तर कोरिया, इसरायल और रुस के नाम आए.

जिन 15 देशों को हर साल सर्वेक्षण में शामिल किया गया है वो हैं अमरीका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया,कनाडा, चिली, चीन, फ्रांस,जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, मेक्सिको,फिलीपींस, रुस और तुर्की.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार