इराक़ में अल क़ायदा नेता की मौत

Image caption इराक़ में कुछ ही दिन पहले दो और अल क़ायदा नेता मारे गए थे.

इराक में अधिकारियों का कहना है कि देश के उत्तर में अल क़ायदा के एक और वरिष्ठ नेता को मार दिया गया है.

उनका कहना है कि उत्तरी इराक में अल क़ायदा के कमांडर माने जानेवाले अहमद अल ओबेदी को अमरीकी और इराकी सैनिकों ने एक साझा अभियान में मारा है.

इससे ठीक एक दिन पहले इराक में घोषणा हुई थी कि वहां अल क़ायदा के दो बड़े नेताओं को मार दिया गया है.

इराकी सेना का कहना है कि अहमद अल ओबेदी को देश के उत्तर में मोसुल के पास हुई कार्रवाई में मारा गया.

उन्होंने बताया कि ओबेदी उस क्षेत्र में मोसुल के अलावा किरकुक और सलाहुद्दीन प्रांतों में अल क़ायदा के स्थानीय कमांडर थे.

ख़बर है कि ये कार्रवाई बंदी बनाए गए अल क़ायदा के उसी अधिकारी की ख़ुफिया जानकारी के आधार पर हुई है जिसने रविवार की सुबह मारे गए अल क़ायदा के दो बड़े नेताओं के बारे में बताया था.

इराक सरकार का कहना है कि अल क़ायदा वहां दम तोड़ रहा है लेकिन निचले स्तर पर अभी भी छोटे-मोटे हमले हो रहे हैं.

मिसाल के तौर पर उत्तरी बग़दाद के उस सुन्नी नेता की ही चर्चा की जा सकती है जो कि अलगाववादियों के विरुद्ध हो गया था और जिसके घर में ही उसके बीवी-बच्चों की नृशंश हत्या कर दी गई थी.

अमरीकी भी मानते हैं कि रविवार को जो इराक में अल क़ायदा के बड़े नेता अबु अयूब अल मसरी और उनके सहयोगी अबु ओमर अल बगदादी की हत्या हुई है, उससे संगठन को एक बड़ा झटका लगा है.

लेकिन अबतक ऐसे नेताओं की हत्या के बाद दूसरे नेता आगे आए हैं और उन्होंने उस रिक्त स्थान को भरा है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस संगठन के लचर और छोटे आकार की वजह से ऐसा नहीं सोचा जाना चाहिए कि अगर इसके किसी अंग को काट दिया गया तो इसे लकवा मार देगा या ये निष्क्रिय हो जाएगा.

पिछले एक वर्ष या उससे ज़्यादा समय में हमलों का स्तर ज़रूर कम हुआ है. अल क़ायदा और उसके सहयोगी कमज़ोर नज़र आ रहे हैं, लेकिन ये कहना कि वो पूरी तरह ख़त्म हो गए हैं, ग़लत होगा.

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