यूरोप में कुछ जगहों से उड़ानें शुरू

हवाई अड्डा
Image caption छह दिनों में लगभग 95 हज़ार उड़ानें रद्द हुई हैं और अब यात्रा करने के लिए हज़ारों लोग कतार में हैं

आइस्लैंड में ज्वालामुखी फटने के कारण अधिकतर यूरोपीय हवाई अड्डों के लगभग एक हफ़्ते तक बंद रहने के बाद कुछ जगहों से उड़ानें फिर शुरु हुई हैं.

लंदन, पेरिस, एमस्टरडम और फ्रैंकफ़र्ट से कुछ विमानों ने उड़ान भरी है.

इस दौरान लगभग 95 हज़ार उड़ानें रद्द हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात संघ के अनुसार इसके कारण उद्योग को लगभग 1.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है.

पिछले गुरुवार से भारतीय एयरलाइंस एयर इंडिया और जेट एयरवेज़ ने यूरोप के लिए उड़ानें बंद कर दी थी लेकिन अब उन्होंने कहा है कि वे यूरोप की ओर दोबारा विमान उड़ाने के लिए तैयार हैं.

मंगलवार को एयर फ़्रांस ने भारत से पेरिस और लुफ़थांसा ने भारत से म्यूनिक के लिए छह दिन के बाद हवाई सेवा शुरु की थी लेकिन यूरोप में अन्य जगहों के लिए उन्होंने फ़िलहाल सेवा शुरु नहीं की है.

स्थिति सामान्य होने में कई दिन

लेकिन पिछले एक हफ़्ते की अफ़रा-तफ़री के कारण इतने यात्री हवाई अड्डों पर और अलग-अलग जगहों पर जाने के लिए कतार में हैं कि एयरलाइंस को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और ये समस्या कई दिनों तक चल सकती है.

मंगलवार देर रात ब्रिटेन में लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरना शुरु किया. फ्रांस, बेल्जियम और नीदरलैंड्स से भी विमानों ने उड़ान भरी है लेकिन यूरोप में अब भी कई जगहों पर पाबंदियाँ कायम हैं.

यूरोकंट्रोल एयर ट्रैफ़िक एजेंसी ने कहा है कि उस उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होने में कुछ दिन लगेंगे.

यातायात क्षेत्र के पर्यवेक्षकों का कहना है कि जिन लोगों के पास वर्तमान तारीखों की टिकेट है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी और जो लोग उड़ाने रद्द होने से प्रभावित हुए हैं, उन्हें वेटिंग लिस्ट में रखा जाएगा.

आइस्लैंड की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि ज्वालामुखी अब लगभग 80 प्रतिशत तीव्रता खो चुका है.

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