उड़ानें शुरू, पर अफ़रातफ़री बरक़रार

ब्रिटेन में उड़ानों के उतरने पर रोक ख़त्म होने के बाद हीथ्रो हवाई अड्डे पर विमान उतरने लगे हैं. बावजूद इसके यूरोप भर में हवाई उड़ानों को लेकर अफ़रातफ़री बरक़रार है.

मंगलवार को सामान्य से आधी उड़ानें ही शुरू हुईं और अब भी हज़ारों यात्री दुनियाभर में फंसे हुए हैं.

ब्रिटेन से पेरिस, एमस्टरडम और फ्रैंकफर्ट के लिए कुछ उड़ानें शुरू हुईं. लेकिन जर्मनी और आयरलैंड ने उड़ानें सीमित रखी हैं.

कुछ अन्य देशों ने भी उड़ानों पर लगे प्रतिबंध में छूट दी है.

आइसलैंड में ज्वालामुखी से राख अब भी निकल रही है लेकिन वो उतनी घनी नहीं है.

उल्लेखनीय है कि आइसलैंड के ज्वालामुखी की राख के कारण पूरे यूरोप में पिछले छह दिनों से विमान उड़ानें ठप्प पड़ी हुईं थीं.

ब्रिटेन के परिवहन मंत्री लॉर्ड एडोनिस ने घोषणा की थी कि मंगलवार देर रात तक सभी हवाईअड्डों से उड़ानें शुरू हो जाएंगी.

लॉर्ड एडोनिस ने कहा कि हवाईअड्डे खोलने का फ़ैसला ख़तरनाक हालात में उड़ान भरने के नए मानकों की घोषणा के बाद लिया गया है.

पिछले छह दिनों से हज़ारों यात्री दुनिया के अलग अलग हिस्सों में फंसे पड़े हैं.

यात्री उत्साहित

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ उड़ानों की शुरूआत हुई है जिससे निराश बैठे यात्रियों में कुछ उत्साह नज़र आने लगा है.

नीदरलैंड के वॉन शैर ने बीबीसी को बताया कि पिछले पांच दिन बहुत मुश्किल भरे थे क्योंकि एयरलाइन ने उन्हें सिर्फ़ तीन दिनों के लिए होटल मुहैया करवाया था. जब केएलएम ने अपनी एक उड़ान शुरू करने की घोषणा की तो उन्होंने राहत महसूस की.

उड़ानों पर लगे इन प्रतिबंधों से एयरलाइन उद्योग को तो भारी धक्का लगा ही है, दूसरे क्षेत्रों में भी असर महसूस हो रहा है.

जर्मनी की कार कंपनी बीएमडब्ल्यू ने अपने तीन संयंत्रों पर काम रोक दिया है क्योंकि उन्हें कल पुर्जों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है.

जापान में निसान कंपनी ने भी कुछ फ़ैक्ट्रियों में काम पूरी तरह से रोक दिया है वहीं होंडा ने आंशिक रूप से काम रोकने की घोषणा की है.

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