अमरीकी किशोरों को भाया एसएमएस

एसएमएस
Image caption कुछ किशोर एक दिन में सौ एसएमएस तक भेज देते हैं

अमरीका के किशोर अब अपने दोस्तों को टेलीफ़ोन करने की जगह एसएमएस करने को अधिक प्राथमिकता देने लगे हैं.

इस बात के संकेत हाल में किए गए एक शोध में मिले हैं.

यह शोध पेव इंटरनेट और अमरीकन लाइफ़ प्रोजेक्ट ने मिलकर किया.शोध में पता चला कि सबसे अधिक एसएमएस ऐसे किशोर भेजते हैं जो पहली बार मोबाइल हैंडसेट पाते हैं.

तीस फ़ीसदी से अधिक किशोर एक दिन में सौ से अधिक एसएमएस भेजते हैं.

मार्केटिंग का कमाल

शोधकर्ताओं का कहना है कि असीमित एसएमएस भेजने का ऑफर देने वाले प्लान से अमरीकी किशोरों में यह प्रवृत्ति तेज़ी से बढ़ी है. ऐसा दुनिया के अन्य देशों में भी हो रहा है.

अध्ययन में पाया गया कि दो तिहाई किशोर अपने दोस्तों को फो़न करने की तुलना में एसएमएस भेजने को अधिक प्राथमिकता देते हैं.

लड़कियाँ लड़कों के तुलना में कम एसएमएस भेजतीं हैं या प्राप्त करती हैं. लड़कों में जहाँ यह औसत 80 एसएमएस प्रतिदिन का है, वहीं लड़कियों में यह 30 एसएमएस प्रतिदिन का है.

शोध के सह लेखक अमांडा लेनहार्ट कहतीं हैं, ''आज के किशोरों के संपर्क करने के केंद्र में एसएमएस है और पिछले डेढ़ साल में इसमें बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है.''

असीमित एसएमएस भेजने वाली योजनाओं की व्यापक उपलब्धता ने अमरीकी किशोरों के संचार की पैटर्न को ही बदल कर रख दिया है.

वे कहती हैं कि इसने किशोरों का अपने दोस्तों के साथ संपर्क करने के तरीकों में आमूल-चूल बदलाव ला दिया है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि किशोर एसएमएस को टेलीफ़ोन से अधिक इसलिए महत्व देते हैं क्योंकि वे इसे अपने माता-पिता, अध्यापक या किसी और की नाक के नीचे ही कर सकते हैं.

अमांडा लेनहार्ट कहती है कि एसएमएस में जरूर कोई ऐसी बात है जो किशोरों के बीच बना हुआ है.

इस शोध में पाया गया कि अपने माता-पिता से संपर्क करने के लिए किशोर अभी भी टेलीफ़ोन को अधिक प्राथमिकता देते हैं.

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